बाराबंकी। सरयू नदी पर बने संजय सेतु की चौदहवीं कोठी पर दरार आने के बाद आवागमन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई है। पुल पर संकेतक भी लगाए गए हैं।
दरार भरने के लिए मिट्टी से भरी बोरियां डाली गई हैं और ज्वाइंटर के दोनों ओर पुल कमजोर है जैसे चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं। इन उपायों के बावजूद, पुल पर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है, जिसमें एक समय में एक दिशा से ही वाहनों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
रविवार की सुबह से ही बाराबंकी की ओर से बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वर्तमान में केवल छोटी गाड़ियां और बसें ही पुल से होकर गुजर पा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब तक बनी रहने की संभावना है जब तक कि वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो जातीं।
वैकल्पिक पिपा पुल का निर्माण जारी
संजय सेतु के पास सरयू नदी में घाघरा घाट पर एक वैकल्पिक दो-लाइन वाले पीपा पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार रविवार की शाम तक पुल के दोनों रैंप बनकर तैयार हो गए हैं। 18 पीपा को तीन-तीन के जोड़े में जोड़कर कुल छह जोड़े तैयार किए जा चुके हैं। उम्मीद है कि अगले तीन से चार दिनों में बाराबंकी की ओर बहने वाली धारा में पीपा डालने का काम लगभग पूरा हो जाएगा। इस वैकल्पिक पुल के निर्माण से संजय सेतु पर दबाव कम होगा और आवागमन सुचारू रूप से जारी रह सकेगा।