बाराबंकी। आजमगढ़ प्रकरण के विरोध में मंगलवार को जिले में संचालित विभिन्न बोर्ड के करीब दो हजार स्कूल बंद रहे। इससे शिक्षण कार्य पूरी तरह बाधित रहा। आक्रोशित शिक्षकों ने मृतक छात्रा के लिए दो मिनट का मौन रखते हुए में घटना में अकारण ही शिक्षक एवं प्रधानाचार्या की गिरफ्तारी के विरोध में काली पट्टी बांधकर एक तरफा कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी भी जताई।
बाराबंकी शिक्षक महासभा व बाराबंकी प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन समेत तमाम संगठनों ने आजमगढ़ प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने एवं प्रदेश में स्कूल सुरक्षा बिल लागू करने की मांग भी जोरशोर से की।
आजमगढ़ प्रकरण को लेकर जिले में संचालित यूपी बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध सभी निजी विद्यालय मंगलवार को बंद रहे। सभी विद्यालयों में शिक्षण कार्य पूरी तरह से बंद रहा। हालांकि प्रधानाचार्य व शिक्षक कॉलेज पहुंचे और आजमगढ़ प्रकरण को लेकर दो मिनट का मौन रखकर मृतक छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर प्रबंधक मानस झुनझुनवाला ने कहा कि बिना जांच के प्रधानाचार्य व शिक्षक पर कार्रवाई न्यायोचित नहीं है।
पायनियर मांटेसरी हाईस्कूल, श्री सांई इंटर कॉलेज लखपेड़ाबाग, महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कालेज समेत अन्य स्कूलों में भी प्रकरण को लेकर शिक्षकों ने काली पट्टियां बांध कर विरोध दिवस मनाया। इसमें निजी स्कूल संगठन से जुड़े सचिव हरपाल सिंह, शिक्षक महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष तेजकुमार उपाध्याय, शैलेंद्र सिंह, चंद्रशेखर कांडपाल, अजय कुमार मिश्र व अंकुर माथुर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।