सरयू नदी का जलस्तर प्रति घंटे एक सेेमी. बढ़ रहा है। तहसील क्षेत्र के करीब 30 गांवों के किनारे तक पानी पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद भी तहसील प्रशासन की टीम प्रभावित गांवों में नहीं पहुंची और न ही तराई क्षेत्र के ग्रामीणों को सतर्क ही किया गया है। हालांकि बाढ़ के भय से तराईवासी सहमे हैं।
सिरौलीगौसपुर तहसील में सरयू नदी के जलस्तर में पिछले कुछ दिनों से बढ़ोतरी जारी है। नदी का जलस्तर धीरे-धीरे खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर चुका है। इसके बावजूद तैयारिया मुकम्मल नहीं हैं। पूरे बाढ़ क्षेत्र में सरकारी नाव का कहीं अता-पता नहीं है।
क्षेत्र के टेपरा, सनावा, कहारनपुरवा, विहड़, बघौलीपुरवा, कोठीडीहा, सिरौलीगुंग, भयकपुरवा, बबुरी, घुटरू, परसा, सरदाहा, गोबरहा, तेलवारी, इटहुआपूर्व के साथ नव्वनपुरवा, परसवाल आदि गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इन सभी गांवों के पास नदी का पानी पहुंच गया है। जलस्तर थोड़ा और बढ़ने पर ये सभी गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
वहीं सरयू की तलहटी में बसे तेलवारी व गोबरहा गांव के पास सरयू नदी की कटान भी तेज हो गयी है। मगर इसे रोकने के लिए बाढ़ खंड का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। तेलवारी गांव के पांच घर कटान के एकदम करीब पहुंच गए हैं। गनेशपुर प्रतिनिधि के अनुसार सरयू का जलस्तर प्रति घंटे एक सेमी. बढ़ रहा है। हालांकि खतरे के निशान से बीस सेमी. नीचे हैं। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि जलस्तर में कुछ बढ़ोतरी हुई है जो बारिश के चलते है। क्षेत्र में बाढ़ की आशंका नहीं है।