विभागीय देखरेख के आभाव के चलते एक सप्ताह के अंदर इब्राहिमपुर माइनर बृहस्पतिवार भोर छठी बार कट गई। जिससे करीब 300 बीघा मेंथा की फसल एक बार फिर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से चौपट हो गई है।
खेत सिल्ट से पट गए हैं या फिर फसल पूरी डूब गई है जिससे वह दो तीन दिन में सारे पेड़ गल जाएंगे। दर्जनों किसानों को करीब 40 लाख रुपये की चपत लगने की आशंका है। सिंचाई विभाग की लापरवाही इतनी कि छठी बार माइनर कटने के बावजूद एक बार भी कोई कर्मचारी मौके पर झांकने तक नहीं आया।
इस संबंध में भाकियू 13 जून को फतेहपुर तहसील का घेराव कर बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग करेंगे। विकास खंड फतेहपुर के इब्राहिमपुर असोहना के बीच इब्राहिमपुर के पास करीब पांच मीटर माइनर बृहस्पतिवार की भोर इसी सप्ताह में छटी बार कट गई।
कटान होने से दर्जनों गांवों की करीब 300 बीघा मेंथा की फसल जलमग्न हो गयी। शारदा सहायक डबल नहर से निकली यह माइनर विभाग की लापरवाही व मनमानी दोनों की पोल खोल रही है। इस माइनर के कटने से करीब दो किलोमीटर के दायरे की सारी फसल डूब गई। इसकी सूचना ग्रामीणों ने दी लेकिन कोई विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
किसानों में रामगोपाल, रामधनी, कमलेशचंद्र, गुड्डू, हरिनाम, अंब्रिका प्रसाद, विनोद शर्मा, शहीद, शाहिद, राममिलन समेत करीब तीन दर्जन किसानों की खेतों में तैयार मेंथा की करीब 300 बीघा फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है मेंथा में सबसे ज्यादा लागत आती है जब रकम छुड़ाने का नंबर आया तो लापरवाही से मेहनत पर पानी फिर गया।
वहीं भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह ने कहा है कि एक सप्ताह में छठी बार माइनर कटने के पीछे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग व किसानों की बर्बाद फसल का मुआवजा एसडीएम फतेहपुर मांगा जाएगा। इसके लिए 13 जून को भाकियू कार्यकर्ता तहसील कार्यालय का घेराव करेंगे।