विभागीय देखरेख के अभाव में शुक्रवार को प्यारेपुर माइनर करीब पांच मीटर कट गई। इससे 24 घंटे के अंदर आसपास के गांव की करीब सात सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। मामले की सूचना ग्रामीणों ने नहर विभाग को दी। जिसके बाद शनिवार देर शाम माइनर को दुरुस्त कराया गया। जिस स्थान पर माइनर कटी है उसके आसपास के खेतों में सिल्ट से धान की फसल पट गई। इससे तीन किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
विकासखंड रामनगर में प्यारेपुर गांव के पास से प्यारेपुर माइनर है। माइनर की सफाई के बिना पानी छोड़ने से माइनर उफना गई और शुक्रवार देर शाम प्यारेपुर व भैैसुरिया गांव के बीच अर्जुन, लक्ष्मीनारायण, काशीराम के खेत के पास कट गई। माइनर कटने की सूचना किसानों ने गांव वालों को दी। मौके पर पहुंचे करीब 25 किसानों ने माइनर को पाटने की कोशिश की लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण माइनर पांच मीटर तक कट गई। ग्रामीणों ने माइनर कटने की जानकारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी। पूरी रात पानी बहता रहा लेकिन कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। 24 घंटे पानी के निरंतर बहने से आसपास के गांवों की करीब सात सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई। शनिवार देर शाम पहुंचे कर्मचारियों ने माइनर का पानी रुकवाकर उसकी पटाई कराई। जिस स्थान पर माइनर कटी थी उन किसानों का कहना है विभाग की लापरवाही के चलते माइनर कटी है और हम लोगों के खेत सिल्ट से पट गए। इससे पूरी धान की फसल चौपट हो गई।