पंचायत चुनाव में डीडीसी व बीडीसी पदों का परिणाम सामने आने पर कई दिग्गजों को मुंह की खानी पड़ी है। इनमें प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री के भतीजे, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व पूर्व एमएलसी समेत कई सत्ताधारी दल के नेता अपने परिवारीजनों की सीट नहीं बचा सके हैं।
जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में जब सोमवार को सभी 58 सीटों का परिणाम सामने आया तो हर कोई चौंक गया। इस चुनाव में जिन दिग्गजों के परिवारीजनों की हार हुई है उनमें, सपा सरकार में कृषि राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह के भतीजे अमन सिंह दरियाबाद प्रथम से चुनाव हार गए हैं।
सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद रामसागर रावत की पुत्र वधू उर्मिला रावत सिद्धौर पंचम से, कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद आनंद प्रकाश गौतम के पुत्र जयंत गौतम सिद्धौर तीन से, बसपा जिलाध्यक्ष सुरेशचंद्र गौतम की पत्नी देवा दो से, पूर्व विधायक छोटेलाल यादव के पुत्र देवा से, भाजपा के पूर्व एमएलसी रामनरेश रावत की पत्नी मसौली से, त्रिवेदीगंज ब्लाक के प्रमुख सपा नेता सुनील सिंह की पत्नी प्रियंका सिंह को त्रिवेदीगंज तीन से, सपा नेता सिपाहीलाल यादव त्रिवेदीगंज प्रथम से, सपा के पूर्व सचिव रमेश चौधरी त्रिवेदीगंज दो से, लखनऊ के सपा जिला सचिव भारत यादव के भाई की पत्नी रेनू त्रिवेदीगंज प्रथम से, बसपा के मंडल कोऑडिनेटर शिवकुमार मिश्रा हैदरगढ़ तीन से चुनाव हार गए हैं।
इसी तरह सपा के वरिष्ठ नेता विनोद यादव सिरौलीगौसपुर दो, धर्मेंद्र यादव देवा तीन, सपा के पूर्व विधायक सरवर अली की पत्नी तनजीम फातिमा फतेहपुर चार से, फतेहपुर के मौजूदा ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र गौतम फतेहपुर तीन से, जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव हार गए हैं। पंचायत चुनाव में जनता ने यह साफ कर दिया है कि जो काम नहीं करेगा, वह चुनाव में जीत नहीं सकता है।