एसडीएम रामसनेहीघाट ने बुधवार शाम एक दुकान पर छापा मारकर एक हजार लीटर डीजल व 90 बोरी पुष्टाहार बरामद किया, लेकिन छापेमारी के दौरान ही एक मंत्री के फोन पर एसडीएम बरामद सामान को बिना सीज किए बैरंग लौट आए। छापे की सूचना से बाल विकास परियोजना कार्यालय पूरेडलई व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में अफरा-तफरी मच गयी।
ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम रामसनेहीघाट प्रभाकांत अवस्थी ने बुधवार शाम विकास खण्ड पूरेडलई के बारिनबाग चौराहा पर ग्रामीण बैंक के पास बाबा बख्श सिंह की दुकान पर छापा मारकर 90 बोरी पुष्टाहार व एक हजार लीटर डीजल बरामद किया।
छापेमारी से पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गयी। पहले तो एसडीएम ने कड़ी कार्रवाई की बात कही, लेकिन छापेमारी के दौरान के उनके मोबाइल पर एक मंत्री का फोन आ गया जिसके बाद एसडीएम के तेवर ढीले पड़ गए और बरामद सामान को बिना सीज किए जांच करवाने की बात कहकर चले गए।
दूसरी तरफ आसपास के लोगों का कहना है कि इस दुकान से लगातार पुष्टाहार की बिक्री की जा जाती है। जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को दी है, लेकिन विभाग की मिलीभगत से आंगनबाड़ी कार्यकत्री नौनिहालों का पुष्टाहार सरे बाजार बेच रही है।
ग्रामीणों ने बताया दुकान का मालिक जिले के एक मंत्री का बहुत करीबी है। छापे के दौरान ही उसने किसी से मोबाइल पर बात की उसके कुछ ही देर बाद एसडीएम के पास फोन आ गया।
एसडीएम प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि बांसगांव के सात सेंटरों का पुष्टाहार बाढ़ के कारण नहीं जा सका था। जो नब्बे बोरी बारिनबाग के दुकान में रखा गया था। किसी निजी जगह पुष्टाहार रखना गलत है इसकी जांच होगी। बरामद पुष्टाहार को पुलिस की कस्टडी में दिया गया है। मंत्री के फोन पर कार्रवाई न करने का आरोप निराधार है।
रामसनेही घाट सीओ आरपी सिंह ने बताया कि एसडीएम ने बरामद पुष्टाहार पुलिस की सुपुर्दगी में नहीं दिया है। जिस दुकानदार के यहां माल बरामद हुआ है। एसडीएम ने उसी दुुकानदार के हवाले कर दिया है।