मेंथा पेराई में प्रयोग की जा रहीं घटिया टंकियों से आए दिन किसान असमय काल के गाल में समा रहे हैं। जिले में मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर मेंथा टंकी फटने से बाप-बेटी समेत चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
वहीं पांच दिन पूर्व झुलसी महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। सीजन में अब तक जिले में तीन लोगों की जान मेंथा टंकी फटने से जा चुकी है। बार-बार हो रहे हादसों के बाद भी प्रशासन मेंथा टंकियों की जांच कराना उचित नहीं समझ रहा है।
मालूम हो कि कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गनेशपुरवा मजरे जरखा में बीते बुधवार को मेंथा की पेराई चल रही थी। पेराई के दौरान अचानक टंकी फट गई जिससे वहां पर मौजूद जमुनादेवी (45) पत्नी राम प्रकाश गंभीर रूप से झुलस गई थी। जिसे सीएचसी लाया गया था जहां उसकी हालत को गंभीर बताते हुए सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया गया था। सोमवार को महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई।
वहीं मंगलवार को बदोसरांय कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मीरापुर निवासी रामानुज (35) मेंथा की पेराई कर रहा था। टंकी में झोंकाई कर रहे युवक के साथ उसकी बेटी रज्जू (8) बैठी थी। अचानक टंकी फटने से दोनों बाप-बेटी गंभीर रूप से झुलस गए।
दोनों को सीएचसी सिरौलीगौसपुर से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सोमवार को देवा के लालपुर निवासी अशोक मेंथा पेराई कर रहा था। टंकी फटने से चपरी निवासी दो मजदूर विश्वनाथ, विनोद व अशोक गंभीर रूप से झुलस गए।