सुढ़ियामऊ क्षेत्र में दस दिन के अंदर इब्राहिमपुर व बिलाखिया माइनर ने तबाही मचा रखी है। विभागीय देखरेख के अभाव के चलते बुधवार की देर रात बिलखिया माइनर करीब पांच फिट कट गई। जिससे करीब 300 बीघा मेंथा की फसल एक बार फिर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से चौपट हो गई है।
ज्यादातर खेत सिल्ट से पट गए हैं। पेराई के समय मेंथा में पानी भरने से दर्जनों किसानों को करीब 40 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगने की आशंका है। सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों के लिए भारी पड़ रही है।
विकास खंड रामनर के सुढ़ियामऊ रेलवे स्टेशन के पास निकली बिलखिया माइनर बुधवार देर रात कट गई। तेज बहाव के कारण पानी दो किलोमीटर दायरे के खेतों में फैल गया। इस बीच मेंथा की करीब 300 बीघा फसल जलमग्न हो गई।
शारदा सहायक डबल नहर से निकली यह माइनर विभाग की लापरवाही व मनमानी दोनों की पोल खोल रही है। इसकी सूचना ग्रामीणों व स्टेशन मास्टर सीबी सिंह ने एसडीएम रामनगर को दी लेकिन कोई विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
किसानों में रामहर्ष, रामपाल, रामचंद्र, रामापति, लालता, अंमीर सिंह, कुलदीप, हरिनाम, मुरलीधर, केशन, इस्राईल, विमल, सुरेंद्र, शेखर, बच्चाराम आदि किसानों के खेतों में तैयार मेंथा की करीब 300 बीघा फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। पानी सुढ़ियामऊ रेलवे स्टेशन के पीछे भर जाने से यात्री पानी से होकर प्लेटफार्म पहुंच रहे थे।
किसानों का कहना है कि मेंथा में सबसे ज्यादा लागत आती है। जब रकम छुड़ाने का नंबर आया तो विभागीय लापरवाही के कारण सारी मेहनत पर पानी फिर गया। गुरुवार को जेसीबी से माइनर की पटाई कराए जाने का प्रयास किया गया। तेज बहाव होने के कारण रेगुलेटर से पानी बंद करा दिया गया। किसान प्रशासन से फसल नुकसानी के मुआवजे की मांग करने की बात कह रहे हैं।
बिलखिया माइनर के कटने की जानकारी किसानों ने दी है। फसल नुकसानी का आंकलन करने के लिए क्षेत्र के लेखपाल व कानूनगो को लगाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे के लिए जिलाधिकारी से बात की जाएगी। अगर सिंचाई विभाग की लापरवाही मिलती है उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। -आशुतोष दुबे, उपजिलाधिकारी रामनगर