मेंथा की फसल में नकली कीटनाशक डालने से करीब एक दर्जन किसानों की 80 बीघा फसल झुलस गई। इससे किसानों को करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। किसानों ये सल्फोसल्फ्यूरान नाम की दवाई क्षेत्र के पलटा मलूकपुर गांव में बिना लाइसेंस संचालित हो रही पेस्टीसाइड की दुकान से खरीदी थी।
किसानों ने दुकानदार से मुआवजे की मांग की तो उसने दुकान से आनन-फानन दवाएं हटाकर शटर बंद कर दिया। जिससे आक्रोशित किसानों ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत कर मुआवजे दिलाए जाने की मांग की है।
इनायतपुर गांव के अमित कुमार, दीन दयाल, भरोसे, रामजियावन, व मलूकपुर के रामबक्श व शरफुद्दीन आदि ने बताया कि एक सप्ताह पहले हम लोगों ने ग्राम पलटा मलूकपुर में संचालित एक दुकान से मेंथा में खरपतवारनाशक दवाई खरीदी थी।
दवाई का छिड़काव करने के तीन दिन बाद से ही फसल झुलसने लगी और दो दिन बाद मेंथा की करीब 80 बीघा फसल झुलस गई। इस संबंध में जब किसानों ने दुकानदार के पास शिकायत दर्ज कराई तो उसने अभद्रता करते हुए कहा कि जो दवाई आती है, वही दी गई। जिससे किसान आक्रोशित हो उठे।
इनायतपुर निवासी किसान अमित कुमार ने बताया कि मेंथा में काफी खरपतवार हो गया था जिसे हटाने के लिए दुकानदार रामप्रकाश के पास गया तो उसने सल्फोसल्फ्यूरान दवाई दी थी। जिसका छिड़काव करने के बाद उसकी छह बीघा मेंथा की फसल सूख गई।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. एलएन यादव का कहना है कि सल्फोसल्फ्यूरान फसल में खरपतवार नष्ट करने के लिए प्रयोग की जाती है। लेकिन अगर कीटनाशक नकली होगा या ज्यादा मात्रा में पड़ जाएगा तो फसल को नुकसान होगा। इसीलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि इसका इस्तेमाल बहुत सावधानी से करें। साथ ही किसी विश्वसनीय दुकान से खरीदें।
किसानों की मेंथा फसल झुलसने का अभी कोई मामला मेरी जानकारी में नहीं है। शिकायत मिलेगी तो जांचकर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जहां तक बात नकली कीटनाशक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की बात है। जब भी शिकायत मिलती है। तुरंत छापा डाला जाता है। - डॉ. एलएन यादव, जिला कृषि रक्षा अधिकारी