कोटवाधाम (बाराबंकी)। सिरौलीगौसपुर में बने 100 बेड के संयुक्त चिकित्सालय की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। यहां पर आने वाले मरीजाें को खुलेआम बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं। यही नहीं विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से मुख्य गेट के पास ही कई मेडिकल स्टोर संचालित किए जा रहे हैं, जहां से मरीज महंगे दामों पर दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
अस्पताल में आए मरीजों को मंगलवार को खुलेआम बाहर से दवाई लिखी जा रही थी, यही नहीं इन मरीजों को बाहर गेट के पास खुले मेडिकल स्टोरों से दवाएं लेने के लिए कहा भी जा रहा था। इलाज कराने आईं करसंडा गांव की सुषमा देवी ने बताया कि एक सप्ताह से वह बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया तो बाहर से 590 रुपये की दवा लिख दी गई।
वहीं, हजरतपुर निवासी अमर ने बताया कि वह तीन दिनों से सर्दी, जुकाम और बुखार से परेशान हैं, उन्हें भी चिकित्सक द्वारा 610 रुपये की दवाएं बाहर से लिखी गईं। आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालकों के कर्मी चिकित्सक के पास बैठकर मन मुताबिक दवाएं मरीजों को लिखवाते हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस पर रोक लगाने में पूरी तरह से नाकाम है। जबकि जिलाधिकारी हाल ही में अस्पताल की अव्यवस्था पर यहां की सीएमएस को कड़ी फटकार भी लगा चुके हैं। इस बाबत सीएमएस डॉ. नीलम गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं। इसके बाद भी दवा बाहर से लिखना गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी।