बाराबंकी। एएनएम द्वारा गांव जाकर कोविड का टीका लगाए जाने के मामले की जांच एसीएमओ की टीम ने शुरू कर दी है। मंगलवार को सीएचसी रामनगर पहुंची टीम ने कागजों की जांच की और मौके पर मौजूद कर्मियों से इस बाबत जानकारी भी ली। लेकिन इस दौरान मौके पर न तो वहां से हटाए गए सीएचसी अधीक्षक ही मिले और न ही गांव में टीका लगाने गई एएनएम ही मिली। टीम ने बुधवार को दोनों को सीएचसी पर ही तलब किया है।
रामनगर सीएचसी पर तैनात रहे डॉ. राजीव दीक्षित पर आरोप है कि उन्होंने कोरोना वैक्सीनेशन प्रोटोकाल नियमों को धता बताते हुए संविदा पर तैनात एएनएम नसीम सुल्ताना को सैदनपुर गांव भेजकर 20 लोगों का टीकाकरण करा दिया। पहले तो महकमे में इस मामले को पांच दिनों तक दबाए रखा गया, जब मामले का खुलासा हुआ तो डीएम के आदेश पर सीएमओ ने आननफानन में कार्रवाई करते हुए सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव दीक्षित को हटा दिया।
दो एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव और डॉ. राजीव सिंह की टीम गठित कर पूरे मामले की जांच शुरू करा दी। मंगलवार को दोनों अधिकारियों की टीम ने सीएचसी पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच टीम के अनुसार जब वह सीएचसी पर पहुंचे तो डॉ. राजीव दीक्षित और एएनएम नसीम सुल्ताना दोनों की पाए नहीं गए। वैक्सीनेशन से जुड़े कागजों की जांच की गई है दोनों को जांच के लिए बुधवार को सीएचसी पर बुलाया गया है। इसके बाद गांव जाकर जिन लोगों के टीके लगाए गए हैं, उनके भी बयान दर्ज किए जाएंगे।
गांव जाकर कोविड वैक्सीन लगाए जाने के मामले की जांच दो एसीएमओ द्वारा शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ