धमसड़ गांव में खसरे फैला है। इसकी चपेट में गांव के 50 लोग हैं। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते लोगों द्वारा स्थानीय चिकित्सकों से ही उपचार कराया जा रहा है। लोगों कहना है कि सूचना व शिकायत दोनों विभागीय अधिकारियों से की गई लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची।
सीएचसी फतेहपुर क्षेत्र के धमसड़ गांव में पिछले करीब एक माह से खसरे का प्रकोप है। जिसकी चपेट में आकर गांव के महिला, पुरुष व बच्चों समेत 50 लोग बीमार हैं। बीमारी से गांव की रेशू (18), ऋषभ (16), अंकित (22), जानकी (40), गीतादेवी (45), मुस्कान (14), अंकुर (15), सोनम (14), निशा (3), सगीर (10), मेराज (9), अफजल (8), जाहिदा (30), आसिफ (7), साइमा (7), आशिब (5), आयशा (5), साहिल (7), फरजाना (7), शबाना (10) समेत 50 लोग पीड़ित हैं।
इनमें कई लोगों का उपचार स्थानीय चिकित्सकाें के यहां चल रहा है। बीमारी से पीड़ित लोगों ने बताया कि गांव में खसरा फैलने की शिकायत कई बार अधिकारियों व सीएचसी और पीएचसी पर दी गई है। लेकिन उपचार के लिए एक माह में कोई नहीं आया।
यहां कार्यरत एएनएम नीलम वर्मा ने भी गांव में दवाई बंटवाई न ही अपने अधिकारियों को इसकी कोई सूचना दी। गंदगी से फैल रहा संक्रामक रोग ः गांव में गंदगी की भरमार है। यहां पर नालियां बजबजा रही हैं तो गांव के भीतर ही जगह-जगह कूड़े के ढेर है। मौसम परिवर्तन के चलते यहां संक्रमक रोगों का खतरा भी बढ़ रहा है।
लोगों का कहना है कि गांव में गंदगी के चलते खसरे का प्रकोप है। गांव की साफ-सफाई के लिए नियमित रूप से सफाई कर्मी भी नहीं आते। ब्लॉक पर भी सफाई के लिए कई बार कहा गया लेकिन अधिकारी ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।