घाघरा नदी का पानी एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। यदि इसी रफ्तार में पानी बढ़ता रहा तो तटीय क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जहां तराई में हड़कंप मचा है वहीं इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं।
घाघरा नदी का पानी तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान को पार कर गया है। नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से ऊपर 106.336 मीटर पर आ गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक नदी का पानी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है उससे पूर्वानुमान है कि पानी 106.506 मीटर तक पहुंच सकता है। इससे बेहटा तमरसेपुर, कुरियन पुरवार, मांझा रायपुर, परसावल, कमियार, नैपुरा, सिरौलीगुंग आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तराई क्षेत्र में हड़कंप मचा है। इन गांवों में रहने वाले लोग पूरी तरह से सतर्क हैं और किसी भी समय गांव को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की पूरी तैयारी में हैं। तराई के लोगों का कहना है कि नदी का पानी काफी तेजी से बढ़ रहा है। इससे कई गांवों में बाढ़ का पानी भर सकता है।
वहीं, नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने का आदेश दिया गया है। सीएचसी रामनगर में तैनात चिकित्सक और स्टाफ को भी पूरी तरह से अलर्ट रहने को कहा गया है।