सिद्धौर। कोठी थाना क्षेत्र के उस्मानपुर गांव में 20 नवंबर को भाई से हुए विवाद के बाद खुद को आग लगाने वाले नागेश्वर (52) की मंगलवार रात लखनऊ के सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार को जब शव गांव पहुंचा तो माहौल गंभीर हो गया। हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस अब पहले से दर्ज मुकदमे में धाराएं बढ़ाकर जांच करेगी।
उस्मानपुर गांव निवासी नागेश्वर गांव में कम ही रहते थे और लखनऊ में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। 20 नवंबर को पड़ोस में रहने वाले नागेश्वर के छोटे भाई शिवशंकर और भतीजे सोनू उर्फ रवि से घर के पास हो रही बोरिंग को लेकर उनका विवाद हुआ। नागेश्वर को इस बोरिंग पर एतराज था।
सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन इसे भाइयों के बीच का विवाद समझकर बिना कार्रवाई के लौट गई। इसी के बाद हुई कहासुनी में नागेश्वर ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसे नागेश्वर को लखनऊ सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार रात उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी मनोज कुमारी और चार बच्चों, पवन कुमार, पल्लवी, सोनम और काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। कोठी के थाना प्रभारी अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने चार दिन पहले ही मृतक के भाई शिवशंकर और भतीजे सोनू उर्फ रवि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। अब धाराएं बढ़ाई जाएंगी।