रामसनेहीघाट। विकासखंड बनीकोडर के पूरे गंगूदीक्षित गांव की शीला देवी महिला सशक्तीकरण की मिसाल कायम कर रही हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद करीब 200 महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भरता की राह पर चलना सिखाया है।
शिला देवी पिछले करीब 11 वर्षों से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का काम कर रही हैं। शुरुआत में उन्हें सादुल्लापुर प्रशिक्षण केंद्र की जिम्मेदारी मिली थी। उनकी लगन और बेहतर कार्यशैली को देखते हुए संस्था ने उन्हें कुल चार केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी। वर्तमान में इन चारों केंद्रों पर करीब 200 महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनके पति विक्रम कुमार मजदूरी करते हैं और उनका छोटा बेटा मानसिक तौर से दिव्यांग है। पारिवारिक और आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा। वह पिछले 10 वर्षों से अनवरत यही कार्य कर रही हैं। (संवाद)
सिलाई संग कढ़ाई भी सीख रहीं महिलाएं
दीन बंधु सालिकराम एजुकेशनल एंड टेक्निकल इंडस्ट्रीज दुबग्गा लखनऊ ने उन्हें 20 सिलाई मशीनें उपलब्ध कराईं। इन्हीं मशीनों के सहारे शिला देवी ने सादुल्लापुर में किराये की दुकान लेकर केंद्र शुरू किया। आज उनके केंद्र में करीब 50 महिलाएं नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सिखाई जाती है। प्रशिक्षण लेने वाली अधिकांश गृहिणियां हुनर सीखने के बाद घर बैठे कपड़े सिलकर अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी सहयोग दे रही हैं। उनकी यह पहल ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन गई है।