बाराबंकी। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा ने शुक्रवार को नगर पालिका परिषद के सभागार में मोबाइल कोर्ट लगाकर दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनीं। 101 शिकायतें आईं जिनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
18 वर्ष से ऊपर की आयु वाले दिव्यांगजनों को पांच वर्ष की समयावधि के लिए अस्थायी प्रमाणपत्र जारी किए जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर रोक लगाने के आदेश दिए।
उन्होेंने बताया कि 18 वर्ष से कम यानि नाबालिग का ही अस्थायी प्रमाणपत्र बनाया जाता है लेकिन यहां कई मामले ऐसे सामने आए जिनमें अस्थायी प्रमाणपत्र के कारण उम्रदराज दिव्यांग भटक रहे हैं। इसलिए स्पष्ट आदेश दिया गया है कि बालिग दिव्यांगों का स्थायी प्रमाणपत्र ही जारी किया जाए।
उन्होंने बताया कि ज्यादातर शिकायतें आवास, प्रमाणपत्र, राशनकार्ड, पेंशन व बिजली कनेक्शन आदि की आईं। इस मौके पर सहायक आयुक्त शैलेंद्र कुमार, एसडीएम सदर आनंद तिवारी, सीओ सुमित त्रिपाठी, बीएसए संतोष देव पांडेय, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा सुधा जायसवाल, दिव्यांग कल्याण अधिकारी एजाजुल हक आदि मौजूद रहे।
नवीन आवंटी को दें कनेक्शन
कांशीराम कॉलोनी के आवास का आवंटन दूसरी बार जिस दिव्यांग को मिला, उसे बिजली विभाग कनेक्शन नहीं दे रहा था। विभाग का तर्क था कि आवास पहले जिसके नाम आवंटित है, उसने बिजली बिल नहीं जमा किया। इस पर आयुक्त ने आदेशित किया कि नवीन आवंटी को बकाये से कोई मतलब नहीं। नया कनेक्शन दिया जाए। शमशेर अली ने 11 महीनों से बंद पेंशन दिलाने, जानकी प्रसाद ने ट्राईसाइकिल व मीरा देवी ने भी पेंशन दिलाने की मांग की।