मजीठा स्थित नागदेवता मंदिर पर शुक्रवार को श्रद्घालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से ही लगी भक्तों की कतारों का रेला इतना बढ़ गया कि पुलिस प्रशासन द्वारा की गई सभी तैयारियां ध्वस्त हो गई। थोड़ी देर बाद ही बैरीकेडिंग टूट गई और एक युवक जख्मी घायल हो गया। इतना ही नहीं सड़कों पर भी घंटों जाम लगा रहा। मेले में निगहबानी के लिए ड्रोन कैमरे लगाए जाने का दावा भी फेल हो गया।
चंद्रग्रहण को लेकर दोपहर में मंदिर के कपाट बंद होने से पहले पूजा करने को लेकर आतुर श्रद्घालुओं का जोश के सामने सड़कों पर कीचड़, ऊपर से बारिश के कारण फैली अव्यवस्था बौनी नजर आई। हालांकि कपाट बंद होने के बाद भी भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहा। मेले मेें खिलौने की सजी दुकानें, सर्कस आदि बच्चों के आर्कषण का केंद्र रही। परंपरा के अनुसार यहां आ रहे भक्त मिट्टी की मलिया में दूध, चावल लेकर मंदिर की बांबी पर चढ़ा रहे हैं। कहा जाता है कि मंदिर पर दूध चावल चढ़ाने के बाद मलिया घर के किसी हिस्से में रख देने से सर्पभय नहीं रहता।
लगा जाम, रेंगते हुए निकले वाहन
दूर-दराज से ट्रैक्टर ट्राली, बस, दो पहिया, चार पहिया वाहन के अलावा इक्का तांगा से श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। भीड़ के चलते हैदरगढ़ मार्ग पर जाम लग गया। हैदरगढ़ मार्ग पर नानमऊ गांव तक जाम लगने से एक साइड से वाहन रेंगते हुए निकले। पुलिस के आने पर आवागमन शुरू हुआ, करीब दो घंटे जाम में लोग फंसे रहे।
जेबकतरों की रही पौ बारह
मेले में बढ़ी भीड़ के कारण जेबकतरों की पौ बारह रही। भीड़ मेें किसी की जेब कटी तो किसी की चेन गायब हो गई। पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर सकी। मेले में भारी संख्या में पुलिस बल सीसीटीवी कैमरे से निगरानी किए जाने के दावे की हवा निकल गई।