हरख (बाराबंकी)। सतरिख थाना क्षेत्र स्थित मंजीठा गांव में आषाढ़ माह की पूर्णिमा से शुरू होकर नाग पंचमी तक चलने वाले श्री नाग देवता के मेले की तैयारियां जोरों पर है। मेले के प्रवेश द्वार व मंदिर परिसर तक साफ सफाई और रंगाई पुताई का काम चल रहा है। मंदिर के पास बने अभरन सरोवर की साफ-सफाई के साथ मेला परिसर की सफाई नहीं हो सकी है। ऐसे में अधूरी तैयारियों के बीच मेले का उद्घाटन राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा शनिवार को करेंगे।
जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर हैदरगढ़-बाराबंकी राजमार्ग स्थित मंजीठा गांव में श्री नाग देवता के पौराणिक मंदिर पर प्रतिवर्ष आषाढ़ माह की पूर्णिमा से शुरू होकर नाग पंचमी तक चलने वाले मेले में दुकानदार आ चुके है। मेले में जिले के अलावा लखीमपुर, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली सहित कई जिलों से श्रद्धालु पहुंच कर नाग देवता के मंदिर में मिट्टी की मालिया में दूध चावल भरकर पूजन अर्चन करते हैं । मान्यता है कि पूजन अर्चन के बाद मिट्टी की खाली मालिया ले जाकर घर में किसी जगह रख देने से सर्प भय नहीं रहता है।
मजीठा मेले में गैर जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को रात में ठहरने की कोई समुचित व्यवस्था न होने से भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा । भारी संख्या में मेला आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेला परिसर में बना एक रैन बसेरा,धूप व पानी से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है ।