हाथों में गंगाजल लिए शिवभक्तों के हर-हर व बम-बम के जयकारों से लोधेश्वर महादेवा गूंज उठा। भोले बाबा की भक्ति में डूबे शिवभक्तों का रेला शाम को कतारों में बदल गया। मध्यरात्रि कपाट खुलते ही जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और दर्शन पूजन का क्रम शुरू हो गया जो देररात तक चलता रहा।
महाशिवरात्रि पर धूप, दीप, पूजन अर्चन से भोले बाबा की नगरी शिवमय हो उठी। इसके अलावा शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में शिवालयों पर शिवभक्तों का तांता लगा रहा। कहीं शिव बारात तो कहीं शोभायात्रा निकाली गई। बारात में शिव के बाराती के रूप में भूत प्रेत, नारद का रूप धारण किए श्रद्धालु मदारी, सपेरे, औघड़ों की टोलियां आकर्षक का केंद्र रहे।