बाराबंकी। भारतीय नस्ल की गायों के पालन और दुग्ध उत्पादन के लिए विकास खंड मसौली के उधौली ग्राम पंचायत के मजरा गनेशपुर के लवलेश कुमार को नंद बाबा पुरस्कार से नवाजा गया है। लवलेश ने हाईस्कूल तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद वर्ष 2000 में पशुपालन क्षेत्र में हाथ आजमाना शुरू किया। इस बीच वर्ष 2017 में पराग से जुड़कर देसी साहीवाल गाय का पालन शुरू किया और समिति को ही दूध की आपूर्ति शुरू कर दी।
इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देसी नस्ल की गायों के पालन पर प्रोत्साहन देना शुरू किया तो इनका रुझान भी इस ओर बढ़ गया। पत्नी, बच्चों व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गोपालन में जुट गए। वर्तमान में इनके पास 15 साहीवाल व तीन अन्य देसी गाय हैं, जिनसे प्रतिदिन करीब 80 से 85 लीटर दूध का उत्पादन हो जाता है। लखनऊ में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में लवलेश को राज्य स्तर पर नंद बाबा पुरस्कार से नवाजा गया है।
भारतीय नस्लों के माध्यम से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 2017-18 में नंदबाबा पुरस्कारों की शुरुआत की थी। इसके तहत राज्य स्तर पर विजेता को 51,000 रुपये, जिला स्तर पर 21,000 रुपये और ब्लॉक स्तर पर 5,100 रुपये का नकद पुरस्कार मिलता है। इस पुरस्कार के लिए कुछ माह पूर्व जिले से करीब 65 पशुपालकों के नाम भेजे गए थे, जिनमें लवलेश भी शामिल थे। लवलेश इस सम्मान से काफी खुश हैं और आगामी भविष्य में देसी नस्ल की गाय का पालन बढ़ाने का संकल्प लिया है।