नहर में डूबे किशोर का शव न मिलने पर मार्ग जाम कर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से वार्ता करते एसडीएम सदर।
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एक दिन पूर्व नहर में डूबे किशोर का पता न लगने से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को हाईवे जामकर प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे तक प्रदर्शन के चलते हाईवे पर आवागमन पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ के आश्वासन पर लोग शांत हुए व प्रदर्शन बंद किया। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस व पीएसी तैनात की गई है।
मसौली थाना के कस्बा शहावपुर निवासी जावेद का 17 वर्षीय पुत्र आसिफ मंगलवार को करीब दो बजे अपने दोस्तों के साथ शहावपुर नहर में नहाने के लिए गया था। उसी दौरान आसिफ पानी में डूब गया था। मामले की जानकारी पर पुलिस ने किशोर को तलाशने के लिए नहर में गोताखोर लगाए थे।
गोताखोरों की कड़ी मेहनत के चलते भी किशोर का पता नहीं लगने से बुधवार की सुबह करीब सात बजे ग्रामीण उग्र हो गए। जिसके बाद बाराबंकी-बहराइच नेशनल हाईवे पर जाम लगा कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। ग्रामीण मांग करने लगे कि एक घंटे में नहर में पानी बंद कर किशोर को तलाश किया जाए।
इस बात की जानकारी मिलते ही मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सुनील वर्मा, सीओ सदर दुर्गेश सिंह, रामनगर सीओ श्रीपाल यादव, मसौली व रामनगर पुलिस पहुंच गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी समझाने के बाद ग्रामीणों को शांत किया तब जाकर कहीं चार घंटे बाद मार्ग पर आवागमन शुरू हो सका।
लेकिन ग्रामीण मांग करने लगे कि एक घंटा के बाद फिर से जाम लगाया जाएगा जिसको लेकर मौके पर पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई है। हालांकि बाद में जाम नहीं लगाया गया। नहर में पुलिस किशोर की तलाश करवा रही है लेकिन उसका पता नहीं लग सका है। मसौली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेन्द्र सिंह ने बताया है कि नहर का पानी बंद करा दिया गया है जिससे पानी भी कम हो गया है और किशोर की तलाश जारी है।
रूट बदलकर निकले वाहन: बहराइच मार्ग पर जाम के चलते सुबह के समय चलने वाली रोडवेज की बसें देवा होते हुुए मसौली की तरफ गई। वहीं इस जाम में फंसे लोग काफी परेशान दिखे। जिन लोगों को दूसरे रास्ते पता थे वह तो चले गए लेकिन जो अनजान थे वह जाम छूटने के इंतजार में देखे गए।