लोहड़ी के उल्लास में विभिन्न जगहों पर हुए कार्यक्रम में ढोल की थाप पर महिलाएं, बच्चे व बड़े जमकर थिरके। सभी ने आग में अन्न आदि डालकर भांगड़ा किया और एक-दूसरे के गले लगकर बधाइयां दीं। कीर्तन गायन व अरदास के बाद लोहड़ी जलाई गई और नवविवाहित जोड़ों ने परिक्रमा की।
ढोल की थाप पर युवाओं ने भांगड़ा किया। देर शाम लोहड़ी जलाकर बच्चों के साथ बड़े भी ढोल की धुन पर खूब थिरके।
लाजपत नगर में बुधवार शाम उल्लास का माहौल रहा। बच्चों की टोलियां घरों में लोहड़ी मांगने पहुंची। लोहड़ी के उल्लास में झूम रहे सरदार चरनजीत सिंह, मनमीत सिंह कहते हैं कि सिक्खों का यह प्रमुख त्योहार है।
नए साल में खेत से फसल काटकर घर लाने की खुशी में यह त्योहार मनाया जाता है। लाजपत नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी एवं साध-संगत के सहयोग से गुरुद्वारा परिसर के बाहर सिख समुदाय के लोगों लोहड़ी त्योहार धूमधाम से मनाया। लकड़ियों को जलाकर महिलाओं व बच्चों ने लोहड़ी के फेरे लिये।
लोहड़ी के मौके पर गुरुद्वारा साध-संगत को गुरुमत ज्ञान एवं कीर्तन जस-गायन करने के लिए पंजाब के पटियाला शहर से आये कथावाचक ज्ञानी सुच्चा सिंह व लखनऊ आलमबाग से आये ज्ञानी सतवंत सिंह द्वारा गुरुमत विचार व्यक्त किये। हजूरी रागी जत्था ज्ञानी अरविन्दर सिंह द्वारा भी कीर्तन कर साध-संगत को गुरु चरणों के साथ जोड़ा गया।
बुधवार को दोपहर बाद से बच्चों की टोलियों ने घर-घर जाकर सुंदरिये, मुंदरिये ओये, उल्ला पट्टीवाला ओेये....गीत गाकर लोहड़ी मांगी। सबद कीर्तन के साथ ही लोहड़ी की खुशी झलकी। ढोल की थाप व भांगड़ा पर बच्चों ने खूब नृत्य किया। इस मौके पर सरदार अमरीक सिंह, प्रधान सरदार स्वर्ण सिंह, सरदार गुरचरन सिंह, सरदार प्रेमपाल सिंह, सरदार परमजीत सिंह आदि मौजूद रहे।