दरियाबाद (बाराबंकी)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में बनाए गए सामुदायिक शौचालयों में ताले लटक रहे हैं। इससे गांव के लोगों को खुले में शौच के लिए जाने को विवश होना पड़ रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत दरियाबाद ब्लॉक के गांवों में 71 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इनके संचालन की जिम्मेदारी प्रधानों की की देखरेख में स्वयं सहायता समूहों को दी गई थी। समूह के खाते में प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय और शौचालय के रखरखाव व मरम्मत के लिए तीन हजार रुपये ग्राम प्रधान को मिलते हैं। इसके बावजूद ज्यादातर शौचालय बनने के बाद भी निष्प्रयोज्य पड़े बदहाल हो रहे हैं। इसमें किसी में दरवाजा टूटा है तो कहीं पानी की व्यवस्था नहीं है। कुछ शौचालयों में ताला बंद कर समूह की सदस्य गायब हैं।
ग्राम पंचायत अकबरपुर में बने शौचालय पर कई माह से ताला लटक रहा है। वहीं श्यामनगर पूर्वी ग्राम पंचायत में बना शौचालय रखरखाव के अभाव में बदहाल हो गया है। सेमोर में बने सामुदायिक शौचालय का काम भी अधूरा है। निर्माण के पांच वर्ष बीतने के बाद भी शौचालय में ताला लटक रहा है। हालाकि एडीओ पंचायत अनिल कुमार सिंह का दावा है कि सामुदायिक शौचालय समय से खुलते हैं। जहां पर शिकायत आ रही है उन जगहों पर जांच कर जिम्मेदारों को कार्यवाही के घेरे में लाया जाएगा।