कोटवाधाम/टिकैतनगर। नेपाल के बैराजों से सरयू नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होने के बाद सरयू के जलस्तर में 10 सेमी की कमी दर्ज हुई है। इसके बावजूद शुक्रवार को भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर था।
जलस्तर में हो रही कमी के साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो जाने से किसानों की फसल नदी में समाने लगी है। कई गांवों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद कीचड़ और जलभराव ने भी ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के सनावा गांव के किसान रोशनलाल के खेत में खड़ी गन्ने की फसल नदी की कटान की चपेट में है। वहीं प्रमोद, सर्वजीत और सुनील के धान लगे खेत भी तेज बहाव के साथ कटकर नदी में समाने लगे हैं। कहरनपुरवा, टेपरा, तेलवारी, बघौलीपुरवा और भैरवकोल गांवों में बाढ़ का पानी कई स्थानों पर अब भी जमा है।
लंबे समय से पानी रुके होने के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। रामसनेहीघाट के गुलौली, कोलायवर समेत पांच गांवों में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल बना है। वहीं, रामनगर क्षेत्र के सुंदरनगर के आसपास अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने शुक्रवार को माझा रायपुर रेता गांव पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने जरूरतमंदों को हर संभव मदद मुहैया कराने का निर्देश मौजूद मातहतों को दिया।