बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार शुक्ला ने शुक्रवार को अवैध संबंधों में बाधा बने पति की हत्या कर शव कमरे में ही गाड़ देने के मामले में महिला व उसके प्रेमी को आजीवन कारावास तथा 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामला थाना रामनगर के ग्राम अमोली कीरतपुर का है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि वादिनी संगीता ने थाना रामनगर में 29 जुलाई 2018 को तहरीर दी थी। उसके अनुसार उसका भाई अनिरुद्ध कुमार गोस्वामी लगभग सात माह पहले घर से लापता हो गए। परिजनों ने काफी तलाश की परंतु पता नहीं चला।
संगीता जब अमोली कीरतपुर स्थित भाई के घर गई तो देखा कि कमरे के अंदर थोड़ी जमीन धंसी हुई है। जमीन में सरिया डालकर देखा गया तो तेज बदबू आई। कुछ लोगों से रीता के अवैध संबंध थे जिसका उसके भाई अनिरुद्ध कुमार विरोध करते थे। इस कारण दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था। जिस दिन उसके भाई लापता हुए, उस रोज भी रात में झगड़ा हुआ था।
रीता तीन माह पहले घर छोड़कर बच्चों सहित लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करने लगी। रीता ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध संबंधों में बाधा बन रहे भाई की हत्या कर शव कमरे के अंदर गाड़ दिया। घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने कमरा खोदकर शव निकलवाया था।
विवेचना के दौरान मामले में गांव के ही अजय कुमार गोस्वामी व तेज प्रताप गोस्वामी की संलिप्तता पाई गई। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश अनिल कुमार शुक्ल ने रीता व उसके प्रेमी अजय कुमार गोस्वामी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। तीसरे आरोपी को कोर्ट ने संदेह के लाभ में बरी कर दिया।