बाराबंकी। विवाहिता की हत्या के मामले में जहां अदालत ने पति, सास व ससुर को उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है तो दुष्कर्म व अपहरण के मामले में अभियुक्त को 10 वर्ष की सजा और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामजस सिंह ने बताया कि लोधपुरवा मजरे दाउदपुर थाना सतरिख निवासी विजय कुमार ने अपनी पुत्री गुड़िया की शादी 29 अप्रैल 2018 को फतेहपुर के मोहल्ला जोशीटोला निवासी राजेश कुमार लोधी के साथ की थी। विजय कुमार का आरोप था कि पति राजेश कुमार लोधी, ससुर कृष्ण चंद्र लोधी व सास रामादेवी दहेज से संतुष्ट नहीं थे। तीन जनवरी 2019 को गुड़िया को जला दिया। सिविल अस्पताल लखनऊ में उसकी मौत हो गई। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट उमेश चंद्र पांडेय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
वहीं, विशेष लोक अभियोजक अजय सिंह के अनुसार लोनीकटरा थाना क्षेत्र निवासी वादी ने पुलिस को बताया था कि 24 मार्च 2016 को रात करीब 11 बजे उसकी नाबालिग पुत्री कहीं चली गई है। पुलिस द्वारा पीड़िता को तलाश करने पर उसने अभियुक्त आनंद प्रकाश से अपनी मर्जी से मंदिर में शादी करने की बात कही थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट अजय कुमार श्रीवास्तव ने पीड़िता के शैक्षिक प्रपत्रों के आधार पर नाबालिग पाते हुए आरोपी को 10 वर्ष की सजा सुनाई।
सामूहिक दुष्कर्म में तीन को कारावास
बाराबंकी। अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म के मामले में महिला समेत तीन अभियुक्तों को अलग-अलग कैद व जुर्माना भुगतने की सजा सुनाई गई। विशेष लोक अभियोजक पुरुषोत्तम मिश्रा ने बताया कि थाना जैदपुर क्षेत्र की पीड़िता 13 दिसंबर 2013 की रात घर के बाहर नित्यक्रिया के लिए गई थी। तभी गांव के ही विपते व मुकेश और मुकेश की चाची रामरती पीड़िता को जबरदस्ती उठा ले गए। विपते और मुकेश ने दुष्कर्म किया। उसे कोठी थाना क्षेत्र में मुकेश के जीजा रामनाथ के यहां बंधक रखा। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुभाष चंद्र यादव ने अभियुक्त विपते को 20 वर्ष की सजा और 17000 रुपये जुर्माना, रामरती को 10 वर्ष की कैद व 10 हजार जुर्माना व रामनाथ को पांच वर्ष की सजा और चार हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुकेश की मौत हो चुकी है।