बाराबंकी। कुष्ठ रोग से उपचारित लोगों को अब पेंशन देने के लिए जिले में नए सिरे से सर्वे कराया जा रहा है। सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए दो लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले सभी कुष्ठ रोगियों को पेंशन देने का प्रावधान किया है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाते हुए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है।
कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनके जीवन यापन को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। जिले में वर्तमान समय में 262 कुष्ठ रोगियों को पेंशन मिल रही है, लेकिन ये सभी वर्ष 2011 की बीपीएल सूची से जुड़े परिवारों के हैं।
ऐसे में जिले में सैकड़ों की संख्या में रोगियों का जीवन मुश्किल है। इसीलिए पेंशन व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं, जिससे अधिक जरूरतमंद लोग योजना का लाभ उठा सकेंगे। नए नियमों के अनुसार अब कोई भी कुष्ठ रोगी जिसकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है, वह आय प्रमाण पत्र लगाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
आवेदन के साथ आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी स्वप्रमाणित कर जमा करनी होगी। यदि किसी ग्राम पंचायत द्वारा अपने क्षेत्र के कुष्ठ रोगी का पेंशन प्रस्ताव नहीं भेजा जाता है, तो संबंधित रोगी या उसके परिजन स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रति खंड विकास अधिकारी को उपलब्ध करानी होगी।
जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी एजाज उल हक ने बताया कि सामान्य दिव्यांगजनों को जहां एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है।
कुष्ठ रोगियों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह तक पेंशन दी जाती है। नया सर्वे कराया जा रहा है।