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Barabanki News: टोल प्लाजा पर वकीलों का कब्जा, गेट खाेले, छह घंटा फ्री रहा हाईवे

Thu, 15 Jan 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बारा टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करते वकील।
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हैदरगढ़। लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर बारा गांव के पास स्थित टोल प्लाजा पर प्रतापगढ़ के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला की टोल कर्मियों द्वारा बेरहमी से पीटे जाने के मामले ने बृहस्पतिवार को तूल पकड़ लिया। घटना के विरोध में अधिवक्ताओं का आक्रोश पूरे दिन सड़कों पर नजर आया। वकीलों ने टोल पर कब्जा करते हुए बंबू खुलवा दिए। छह घंटे तक हजारों वाहन बिना शुल्क दिए फर्राटा भरते रहे। टोल मैनेजर समेत पांच कर्मियों को जेल भेजने के बाद भी देर शाम तक वकील टोल पर ही जमे थे। अधिकारी उन्हें समाझाने में जुटे थे।
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बुधवार को प्रतापगढ़ के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला का फास्टैग बैलेंस खत्म हो गया था। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई और टोल कर्मियों ने अधिवक्ता को घेरकर दौड़ाकर जमकर पीटा। घटना के बाद शाम को हैदरगढ़ तहसील के वकील पहुंचे और टोल प्लाजा पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 टोल कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इनमें से लवलेश, रवि और गोलू को गिरफ्तार कर लिया था।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे प्रतापगढ़ और लखनऊ से भी वकील पहुंच गए। करीब 11 बजे सभी अधिवक्ता एकजुट होकर दोबारा टोल प्लाजा पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान नारेबाजी और हंगामे के बीच हैदरगढ़ के वकीलों ने टोल के बंबू उखाड़ दिए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी विकासचंद्र त्रिपाठी, एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा और सीओ समीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। करीब साढ़े तीन बजे धरना अस्थायी रूप से समाप्त कराया गया, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। वकीलों को जानकारी मिली कि टोल मैनेजर जगभान व कर्मचारी विश्वजीत को लोनीकटरा थाने की पुलिस ने शांतिभंग की धारा में चालान किया है। यह खबर मिलते ही अधिवक्ता भड़क उठे। उनका कहना था कि गंभीर मारपीट की घटना में शांतिभंग जैसी हल्की कार्रवाई पुलिस ने किसके दबाव में की। इसके बाद अलग-अलग समूहों में वकील दोबारा टोल प्लाजा पर पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया। देर शाम तक पुलिस प्रशासन अधिवक्ताओं को समझाने-बुझाने में जुटा रहा।
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अधिवक्ता में हो गया दो मत
अधिकारियों द्वारा जब धरना-प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की गई तो कुछ अधिवक्ताओं ने सहमति जताई, लेकिन इसी दौरान युवा वकील भड़क उठे। हालांकि आपसी बातचीत के बाद सभी अधिवक्ता एकजुट हो गए और फिर संयुक्त रूप से प्रदर्शन जारी रखा।
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एएसपी के सामने धक्का-मुक्की
एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी के सामने कुछ अधिवक्ताओं द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने की भी चर्चा सामने आई। हालांकि एएसपी ने इस तरह की किसी भी घटना से इन्कार किया।
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वकीलों का गुस्सा देख गुपचुप तरीके से भेजा जेल
वकीलों को पता लगा कि बृ़हस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए तीन टोलकर्मियों को पुलिस जिला मुख्यालय स्थित अदालत में प्रस्तुत करने आ रही है तो यहां भी वकील अलर्ट हो गए। इससे पुलिस प्रशासन ने गुपचुप तरीके से आरोपियों को जज के सामने प्रस्तुत किया और उनको जेल भेजा गया।
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