सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। डीएम की अध्यक्षता में सिरौलीगौसपुर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों ने बताया कि प्रधान, पंचायत सचिव और रोजगार सेवक ने बिना काम कराए ही लाखों रुपये निकाल लिए। तालाब की खुदाई में बाहर के श्रमिकों को लगाकर काम कराया गया।
इस पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने एसडीएम को जांच कराकर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जितनी भी शिकायतें संपूर्ण समाधान दिवस में आई हैं, संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर जाकर इनका गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण कराएंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को जिले की सभी छह तहसीलों में 559 शिकायतें आई जिनमें से महज 13 का ही निस्तारण कराया जा सका।
हैंडपंप रीबाेर नहीं हुए, निकल गए दो लाख
जिलाधिकारी के सामने ग्राम पंचायत सिरौलीगौसपुर के पंचायत सदस्य मो. मुशीर, मंजू, राजेंद्र प्रसाद, कमलेश कुमारी, संगीता, गीत व समर सिंह ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि प्रधान, पंचायत सचिव तथा रोजगार सेवक ने गांव में बिना हैंडपंप रीबोर कराए दाे लाख 16 हजार रुपये निकाल लिए। कंपोजिट विद्यालय में पौधारोपण के नाम पर 3500 रुपये निकाले गए। मनरेगा मजदूर पूर्णमासी, घनश्याम, राहुल, प्रदीप सिंह व विशाल ने बताया कि बाहर के श्रमिकों को लगाकर मुल्ला तालाब की खुदाई करा दी गई।
सहन की जमीन पर कर लिया कब्जा
बल्लीपुर गांव की रहने वाली मालती देवी ने डीएम को बताया कि घर के सामने सहन की भूमि है। उस पर गांव के ही बबलू्, पिंटू, सटकू व मोहित ने जबरन कब्जा कर लिया है। थाना टिकैतनगर पहुंची तो शांतिभंग का मुकदमा हम पर ही दर्ज कर दिया गया। एसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं।
आज तक नहीं मिला आवास
रामनगर क्षेत्र से ढेडूवा निवासी दिव्यांग शमशेर ने एसडीएम को पत्र देकर बताया कि सात बार प्रार्थना पत्र दे चुका हूं लेकिन अभी तक आवास नहीं मिला। इस पर एसडीएम ने बीडीओ रामनगर को जांच कर आवास दिलाने के लिए आदेश दिए।