फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आधे से ज्यादा को नहीं मिला भरण पोषण भत्ता

विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। लॉकडाउन के चलते बेरोजगार हुए रेहड़ी, खोमचा, पटरी दुकानदार और दैनिक श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये भरण पोषण भत्ता दिए जाने की घोषणा के बाद भी अभी तक चिह्नित आधे से ज्यादा लाभार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल सका है।
विज्ञापन

श्रम विभाग के चिह्नित 22 हजार 383 लाभार्थियों को छोड़ दें तो नगर निकायों और डीपीआरओ द्वारा चिह्नित 28 हजार 884 लाभार्थियों का डाटा जिला प्रशासन को देने के बाद भी एक-एक हजार रुपये की राशि उनके खातों में नहीं पहुंच सकी है।
कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लगने से दैनिक श्रमिक, रेहड़ी, खोमचा, पटरी दुकानदार बेरोजगार हो गए थे। इस पर सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देशित करते हुए ऐसे लाभार्थियों को चिह्नित कर उनका डाटा तैयार करने को कहा था ताकि उन्हें भरण पोषण भत्ता एक-एक हजार रुपये आर्थिक सहायता के रूप में दिया जा सके।
विज्ञापन

इसके बाद श्रम विभाग, नगर पालिका व नगर निकाय और पंचायती राज विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रेहड़ी, खोमचा, पटरी दुकान और दैनिक मजदूरी करने वाले 51 हजार 267 लाभार्थियों का डाटा तैयार किया था।
इनमें से सिर्फ श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत 22 हजार 383 श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये पिछले माह में ऑनलाइन खातों में भेजा जा चुका है। जबकि शेष 28 हजार 884 लाभार्थी यह राशि पाने के इंतजार में बैठे हैं। इनमें पंचायती राज और निकायों के चिह्नित लाभार्थी शामिल हैं।
2503 प्रवासी श्रमिक भी हैं इंतजार में
तैयार कराए गए डाटा में 2503 प्रवासी श्रमिक भी राशि पाने के इंतजार में हैं। इनमें शहरी और ग्रामीण क्षेेत्रों में बाहर से अपने घर लौटे महिला और पुरुष शामिल हैं। कई महीने बीत जाने के बाद भी राशि न मिलने पर यह लोग निकाय और ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर काट रहे हैं।
पिछले माह चिह्नित करीब 22 हजार श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रुपये की राशि भेज दी गई है। अभी भी कई श्रमिक ऐसे हैं जिनके खाते अपडेट नहीं हैं। इन्हें सही कराने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इनके खाते में भी पैसा भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन

-शरद कुमार, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें