देवा महोत्सव के ऑडिटोरियम में शुक्रवार की रात पार्श्वगायक केके के नाम रही। एक के बाद एक गीतों का ऐसा जलवा बिखेरा कि लोग झूम उठे। फिल्म माचिस के गीत ‘छोड़ आए हम वो गलियां..’ से रातों-रात मशहूर हुए केके ने देवा महोत्सव में आए लोगों का दिल जीत लिया। तड़पते-फड़कते गानों से ऐसा समां बांधा कि लोग मदमस्त हो गए। एक के बाद एक धमाकेदार परफार्मेंस ने लोगों को एक ही जगह पर रुके रहने पर मजबूर कर दिया।
शुक्रवार की रात देवा महोत्सव के ऑडिटोरियम में फिल्मी गीतों की धूम रही। मौका था पाश्र्व गायक केके के मेगानाइट का। कार्यक्रम की शुरुआत ‘मुझे प्यार है या ऐसा खुमार है...’ से की। इसके बाद फिल्म माचिस का गाना ‘छोड़ आए हम वो गलियां...’ गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
तड़प-तड़प कर इस दिल से आह निकलती रही.. गाया तो श्रोताओं के सब्र का बांध टूट गया और अपनी जगह पर ही थिरकने लगे। फिल्म गैंगेस्टर का गीत- तू ही मेरी सब है सुबह..., सच कह रहा है जमाना-जमाना... गाकर कार्यक्रम को बुलंदी पर पहुंचा दिया। दिल को छू लेने वाले गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति पर महोत्सव के प्रेक्षागृह में मौजूद श्रोताओं ने ऐसा जोश छाया कि सभी ने जमकर तालियां बजाईं।
गीतों की श्रृंखला से एक के बाद एक धमाकेदार प्रस्तुति पर तालियां गूंजती रही। ओस पडने से जैसे-जैसे रात सर्द होती रही, केके के गीत परवान चढ़ते गए।