बाराबंकी। लोधेश्वर महादेवा में आबादी की जमीन पर बनी कॉम्पलेक्स दुकानें ध्वस्त की गईं। वह जमीन वास्तव में आबादी की जमीन दर्ज है। इस जमीन का मालिकाना हक न होते हुए भी महादेवा के खेमराज ने रियाज अहमद व इरशाद आदि के नाम बैनामा कर दिया था।
अपर जिला न्यायाधीश कोर्ट संख्या-6 मे ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने मामले की सुनवाई के दौरान जब जमीन के मालिकाना हक पर सवाल किए तो पता चला कि जिस खेमराज से वादियों ने जमीन का बैनामा कराने का दावा किया है, उसके पास जमीन का मालिकाना हक नहीं है। कोर्ट में खेमराज पेश भी नहीं हुआ। कोर्ट ने माना कि जब खेमराज के पास आबादी की जमीन का कोई मालिकाना हक ही नहीं था तो जमीन का बैनामा गलत है। इस भूमि पर लोधेश्वर महादेव मंदिर की पूजा-अर्चना का जल एक बड़े नाले से होकर एकत्र होता है। इस जल मार्ग को बाधित करते हुए विपक्षीगण दीन मोहम्मद आदि 13 लोगों ने विवादित स्थल पर दुकान व मकान बनाए। एसडीएम कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया तो विपक्षियों ने अपील की थी। अपील 31 अक्तूबर को जज ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने खारिज कर दी। शनिवार को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण कर दिया।