बाराबंकी। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रही है। इसके बावजूद विभाग की ओर से मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया सुस्त है। पिछले साल खरीफ की फसल के दौरान हुए नुुकसान की भरपाई तब हो रही है, जब किसानों की रबी की फसलें तबाह हो चुकी हैं। 60251 किसानों को पीएम फसल बीमा योजना के तहत 49.20 करोड़ रुपये का मुआवजा भेजा गया है। बीते दिनों बारिश और ओलावृष्टि के दौरान नष्ट हुई रबी की फसलों के मुआवजे को लेकर अभी भी सर्वे जारी होने की बात कही जा रही है।
बीते अक्टूबर में हुई असामयिक वर्षा व अतिवृष्टि से खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ था। इसके सर्वे के लिए डीएम के निर्देश पर कृषि, राजस्व एवं फसल बीमा कंपनी के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई थी। संयुक्त टीम ने विकास खंड सूरतगंज, रामनगर, सिरौलीगौसपुर एवं पूरेडलई क्षेत्रों में 74 ग्राम पंचायतों की 50 प्रतिशत से अधिक क्षति का अनुमान लगाया था।
इस पर किसानों को सहायता मुहैया कराने के लिए डीएम ने निदेशक, कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा को पत्र लिखा था। इसके बाद सिर्फ 3155 कृषकों को मध्यावधिक क्षतिपूर्ति के रूप में 2.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। उपनिदेशक कृषि श्रवण कुमार ने बताया कि खरीफ में 21 ग्राम पंचायतों के किसानों को क्षतिपूर्ति देने के लिए समिति की बैठक हो गई है एवं शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।