बाराबंकी। चार दिन पहले बदोसराय थाना क्षेत्र में कैलाश की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। हत्या करने के बाद पत्नी ने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ केेस दर्ज कराकर पुलिस को बरगला दिया। लेकिन कॉल डिटेल व साक्ष्यों ने उन्हें बेनकाब कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को इसका खुलासा किया। हत्या में प्रयुक्त कार बरामद हुई है।
पुलिस लाइन सभागार में बृहस्पतिवार को एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि 18 जून को बदोसराय थाना क्षेत्र के कैलाश बहेलिया का शव रसूलपुर से खुर्दमऊ मार्ग पर तालाब के किनारे मिला था। उसकी पत्नी रेनू ने गांव के ही अंशु कुमार व तिलकराम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। रेनू की ओर से पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा था कि दोनों की गिरफ्तारी की जाए। एसपी ने बताया कि कैलाश की पत्नी रेनू के संबंध किंतूूर गांव के रामकुमार यादव से थे। कुछ दिन पहले कैलाश ने श्रवण नाम के युवक के साथ भी अपनी पत्नी को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था और पत्नी की पिटाई की थी। इसी बात से क्षुब्ध होकर रेनू ने रामकुमार के साथ मिलकर कैलाश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 17 जून को रेनू ने पति कैलाश को बच्चों की फीस कम करने के बहाने रामकुमार के पास चलने के लिए कहा।
बदोसराय पहुंचने पर रामकुमार ने कोल्ड ड्रिंक में नशे की गोली मिला दी और अपनी कार में बैठा लिया। कार में ही रामकुमार व रेनू ने कैलाश का गला कस कर गाड़ी में रखे पाना रिंच से सिर में भी वार कर हत्या कर दी। बदोसराय के थानाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में ही नामजद किए गए लोगों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला।
पिता की हत्या में मां गई जेल, बच्चे बेसहारा
कैलाश का विवाह रेनू से करीब 16 साल पहले हुआ था। इन दोनों से चार बच्चे हैं। बड़ी बेटी 15 साल की है। इसी प्रकार आरोपी रामकुमार के भी चार बच्चे हैं। इस घटना के बाद से बच्चे दुखी है। पिता की हत्या के बाद मां के जेल जाने से चारों बच्चे बेसहारा हो गए हैं। मां के कृत्य से सहमे बच्चों को रिश्तेदार संभालने में लगे हैं। वहीं, चार बच्चों का पिता होने के बाद भी रामकुमार द्वारा किए गए कृत्य से पूरा परिवार सन्न है।