बाराबंकी। पीआरडी जवानों को 31 मार्च तक अपने शैक्षिक, पता व आयु संबंधी प्रपत्रों का ब्योरा जमा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। काफी प्रयास के बाद अभी तक 500 ने ही अपना ब्योरा जमा किया है। अब बाकी दो सौ लोग अपना ब्योरा प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है। इसे लेकर निर्देश जारी होने के बाद पीआरडी जवानों में खलबली मची है। क्योंकि कई के पास प्रमाणपत्र या शैक्षिक अभिलेख न होने की आशंका है।
जिले में करीब 700 पीआरडी जवान हैं। इनकी ड्यूटी लगाने से लेकर सारी जिम्मेदारी युवा कल्याण विभाग के पास है। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल महानिदेशालय अब विभाग को डिजिटल कर रहा है। इसके लिए पीआरडी जवानों के शैक्षिक, पता व आयु संबंधी प्रमाणपत्र व प्रपत्र मांगे जा रहे हैं, ताकि उन्हें फीड किया जा सके। यह प्रकिया पिछले एक साल से चल रही है। इस दौरान कई पीआरडी जवानों के शैक्षिक अभिलेख ऐसे पाए गए, जिसमें उनकी उम्र 18 साल से कम होने पर भी नौकरी दी गई।
काफी सख्ती के बाद भी 700 में से करीब 200 जवानों ने अपना ब्योरा नहीं दिया है। इसे लेकर महानिदेशालय ने युवा कल्याण अधिकारी पर सख्ती की है, जिसे लेकर अब जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी प्रबोध कुमार ने 31 मार्च की तारीख घोषित की है। इस तारीख तक जो पीआरडी जवान अपना ब्योरा नहीं देंगे, उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी प्रबोध कुमार ने बताया कि पीआरडी स्वयंसेवकों को अब अंतिम अवसर दिया गया है। 31 मार्च तक जो पीआरडी जवान वांछनीय अभिलेख नहीं प्रस्तुत करते हैं, उनसे संबंधित रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।