बाराबंकी। जिलाधिकारी अविनाश कुमार का तबादला शासन ने झांसी कर दिया। इनके स्थान पर महराजगंज के डीएम सत्येंद्र कुमार को जिले की कमान सौंपी गई है। हालांकि अपने एक वर्ष 10 दिन के कार्यकाल में डीएम अविनाश के नाम कई उपलब्धियां रहीं।
20 सितंबर 2022 को जिले की कुर्सी संभालने के बाद अविनाश कुमार ने सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान चलाया। भूमाफिया के कब्जे में रहीं जमीनें अवैध कब्जे से मुक्त कराईं। जिले को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उद्योगों की स्थापना के प्रयास किए। आईआईए के सहयोग से इंवेस्टर्स समिट कराई, जिसमें एक ही दिन में 800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव कराए। इससे बाराबंकी का नाम पूरे प्रदेश में गूंजने लगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी की तर्ज पर पूरे प्रदेेश में फरवरी में यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट कराई, जिसमें करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए। डीएम ने निवेश प्रस्ताव कराने का फरमान जारी किया। इसके अलावा वन विभाग, सीलिंग समेत तमाम सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की मुहिम शुरू की। शहर के असेनी, जहांगीराबाद, देवा, शाहपुर, इन्हौला, बरेठी के अलावा रेठ नदी के किनारे, भुहेरा, मौथरी के साथ फतेहपुर व रामसनेहीघाट में सीलिंग की हजाराें बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराई। दशकों से बदहाल मोहरीपुरवा तालाब का सौंदर्यीकरण ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में कराया। अब महराजगंज से यहां स्थानांतरित होकर आ रहे डीएम सत्येंद्र कुमार से जिले के लोगों को काफी उम्मीदें हैं।