बाराबंकी। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन देने में की जा रही गंभीर लापरवाही और अनावश्यक विलंब के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग की छवि धूमिल करने और कार्य में शिथिलता बरतने के आरोप में एक संविदाकर्मी लाइनमैन की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है।
अधीक्षण अभियंता राजबाला ने बताया कि उपभोक्ता सेवा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में पाया गया कि लाइनमैन मनीष कुमार और जेई रवि वर्मा द्वारा नए कनेक्शन की फाइलों को लंबे समय तक लंबित रखा गया था, जिससे आम जनता को काफी असुविधा हो रही थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संविदा लाइनमैन मनीष कुमार को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है। वहीं, जेई रवि वर्मा की लापरवाही को देखते हुए उनके निलंबन की सिफारिश उच्चाधिकारियों से की गई है।
अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट संदेश दिया कि पावर कॉर्पोरेशन अपने सतर्कता अभियान के तहत कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार या कार्य में देरी की शिकायत मिली, तो इससे भी कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
बिजली कनेक्शन देने में गंभीर लापरवाही और लंबित विलंब ने पाॅवर काॅर्पोरेशन की छवि को धक्का दिया। मामले की जांच के बाद संविदाकर्मी लाइनमैन मनीष कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई। दिया गया है, जबकि जूनियर इंजीनियर रवि वर्मा पर निलंबन की सिफारिश की गई है।
अध्यक्ष अभियंता राजबाला ने कहा कि यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को हो रही असुविधा और लापरवाही को रोकने के लिए की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया, पावर काॅर्पोरेशन में ऐसी लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। यह कदम पावर काॅर्पोरेशन के सतर्कता अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही और विलंब की घटनाएं रोकी जा सकें।