बाराबंकी। ज्येष्ठ मास के प्रथम बड़े मंगल पर आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिला। प्रकृति ने सुबह की बारिश और सर्द हवाओं के साथ श्रद्धालुओं की परीक्षा लेनी चाही, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह के आगे मौसम की हर चुनौती बौनी साबित हुई। सुबह के समय हुई मूसलधार बारिश ने आयोजन स्थलों पर लगे टेंटों को भिगो दिया और हर तरफ पानी भर गया, लेकिन श्रद्धालुओं ने हार नहीं मानी।
लोग स्वयं ही टेंटों से पानी निकालते और व्यवस्था दुरुस्त करते नजर आए। जैसे ही आसमान साफ हुआ और सुनहरी धूप खिली, पूरा बाराबंकी जय बजरंगबली के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। सुबह 11 बजे के बाद जनजीवन पूरी तरह भक्तिमय हो गया। शहर के हर कोने से भंडारों की खुशबू आने लगी। कहीं पूड़ी-सब्जी, तो कहीं कढ़ी-चावल और शरबत का प्रसाद वितरण शुरू हुआ।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां लोगों ने बजरंगबली के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। दोपहर से शुरू हुआ यह सेवा का सिलसिला देर रात तक निर्बाध चलता रहा।
श्रद्धा, भक्ति और सेवा का संगम
धनोखर चौराहा, पंचमदास कुटी, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, लखपेड़ाबाग समेत कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कहीं गरमागरम पूड़ी-सब्जी व छोला चावल बन रला था, तो कहीं बूंदी और हलवे की खुशबू वातावरण को मधुर बना रही थी। भंडारों में सेवादार राहगीरों को रोक-रोककर प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह करते दिखे।
हनुमान मंदिरों में उमड़ी आस्था
शहर के हनुमान मंदिरों धनोखर, ब्रह्मचारी आश्रम, कैलाश आश्रम, बड़ी देवी स्थित हनुमान मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव समेत कई मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया। बारिश के बावजूद श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ किया। धनोखर मंदिर में पुजारी मुरारी लाल बाजपेई की अगुवाई में विशेष आरती हुई और बजरंगबली का चोला बदला गया। पूरे दिन मंदिर परिसर संकटमोचन के जयकारों से गूंजता रहा।
बारिश में भी नहीं रुका भंडारा
पंचम दास कुटी के पास व सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के पास सुबह बारिश से टेंट भीग गया, लेकिन श्रद्धालुओं ने हार नहीं मानी। खुद पानी निकाला और दोपहर तक भंडारा फिर से शुरू कर दिया। धनोखर मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं की शाम तक भीड़ लगी रही।
भंडारे में शामिल हुए साधु-संत
सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में साधु-संत भी शामिल हुए। मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु शांत भाव से अपनी बारी का इंतजार करते रहे और प्रसाद वितरण का सिलसिला लगातार चलता रहा। लखपेड़ाबाग, देवा रोड व लखनऊ अयोध्या मार्ग पर कई जगह भंडारे लगे, जिसमें खाने और खिलाने वालों का जोश देखने लायक था।
हैदरगढ़ रोड पर उत्सव सरीखा माहौल
पंचमदास कुटी के पास साहित्यकार डॉ. विनय दास द्वारा आयोजित भंडारे में भजन-कीर्तन के साथ भंडारा चल रहा था। हैदरगढ़ रोड पर करीब 14 स्थानों पर भंडारा लगा तो नजारा मेले जैसा दिखाई दिया। भक्त प्रसाद लेने के साथ-साथ भजनों में भी डूबे नजर आए। कोई एकबार तो कोई दो बार प्रसाद ले रहा था। घर के लिए भी प्रसाद ले गए।