बाराबंकी। जिला अस्पताल में बुधवार को गहमागहमी का माहौल रहा। निलंबित आॅर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रोहित प्रसाद पर लगे आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम उनके कक्ष में पहुंची। जरूरी अभिलेख कब्जे में लेने के बाद अलमारी सील कर दी गई। अधिकारियों व कर्मियों से अभद्र व्यवहार सहित कई अन्य आरोपों को लेकर चार जुलाई को उन्हें निलंबित कर दिया गया था। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्या, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. एसपी यादव, डॉ. वीरेंद्र सिंह की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। डॉ. रोहित प्रसाद पर मरीजों से अच्छे से बात न करना, अभद्रता करना, स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार, ऑपरेशन थियेटर में निर्धारित समय पर न पहुंचने सहित कई आरोप प्रारंभिक जांच में सही मिले, जिस पर अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष ने उन्हें निलंबित कर अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अयोध्या मंडल कार्यालय से सबंध कर दिया। सीएमएस ने बताया कि शासन के निर्देश पर टीम ने जांच शुरू कर दी है। आलमारी में रखे अभिलेखों को कब्जे में लिया गया है। उन्होंने बताया अपर निदेशक स्वास्थ्य अयोध्या मंडल भी इस मामले की जांच करने इस सप्ताह आ सकते हैं।