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जांच टीम को देख दुकान का शटर बंद कर भागा झोलाछाप

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बाराबंकी। झोलाछाप के इलाज से युवक की मौत मामले की जांच करने शनिवार को जब एसीएमओ की टीम कस्बे में पहुंची तो टीम को देख झोलाछाप दुकान का शटर बंद कर भाग खड़ा हुआ। जिस पर टीम आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर वापस लौट आई। टीम ने बताया कि सोमवार को मृतक के परिवारीजनों के बयान दर्ज कर पूरी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी जाएगी।
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रामनगर क्षेत्र के मामपुर निवासी मनीष (18) की हालत बिगड़ने पर पिता बुधराम इलाज के लिए सुढ़ियामऊ स्थित झोलाछाप बृजेश के पास ले गए थे। आरोप है कि इलाज के नाम पर 25 हजार लेने के बाद युवक को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया था। परिवारीजन उसे लखनऊ के लोहिया अस्पताल लेकर गए थे जहां पर शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इस मामले में किसान नेताओं के साथ परिवारीजनों ने गन्ना कार्यालय परिसर में धरना दिया था। सीएमओ के आदेश पर शनिवार को एसीएमओ डॉ. आरएन वर्मा, सुशील पांडेय की टीम मामले की जांच करने पहुंची। टीम को देख झोलाछाप दुकान का शटर गिरा भाग खड़ा हुआ।
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जिस पर टीम आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर लौट आई। इस बाबत सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि टीम सोमवार को फिर जांच के लिए जाएगी। इस दौरान परिवारीजनों के बयान भी दर्ज करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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