बाराबंकी। परिवहन निगम ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत संचालित अनुबंधित बस के मनमाने संचालन पर रोक लगाने के बजाय उसे बंद करा दिया। दो दिन से बस का संचालन बंद है। यात्री बस का इंतजार करते रहते हैं। इसका संचालन मंगलपुर से धौरहराघाट के रास्ते कोठी तक होकर बाराबंकी जाना था।
52 किलो मीटर के इस सफर का किराया अन्य बसों के सापेक्ष 15 रुपये कम पड़ता था। जबकि अन्य बसों का 52 किलो मीटर का फेरा हैदरगढ़ से नई सड़क होकर जिला मुख्यालय तक पूरा होता है। अवसानेश्वर होकर जाने पर बाराबंकी से हैदरगढ़ की दूरी 13 किलोमीटर घट जाती है। इसलिए 60 रुपये सामान्य बसों का किराया पड़ता है।
योजना की बस अवसानेश्वर के रास्ते जा रही है और किराया 60 रुपये लेती है, जबकि योजना की बस इस रास्ते से जाने पर 20 प्रतिशत किराया कम लेना चाहिए, मगर किराया कम नहीं लिया जा रहा था। अमर उजाला में 29 जुलाई को मुख्य मार्ग पर दौड़ रही मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की बस शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी।
इसके बाद लग रहा था कि निगम के अधिकारी योजना की बस को निर्धारित मंगलपुर-धौरहराघाट के रास्ते संचालन कराने के लिए कार्रवाई करेंगे, लेकिन बस का संचालन ही बंद करा दिया गया। इस बस को आठ जुलाई को विधायक दिनेश रावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। संचालन बंद होने से लोग व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।