पुलिस हिरासत में युवक के जहर खाकर जान देने के प्रयास के मामले को पुलिस कप्तान ने गंभीरता से लिया है। लापरवाही मिलने पर कप्तान ने एक दरोगा, एक मुंशी और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। एसओ समेत अन्य पुलिस कर्मियों को चेतावनी देते हुए कार्य में सुधार की हिदायत दी है।
इस मामले की सीओ सदर जांच कर रहे हैं। वहीं, युवक का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत नाजुक है। सतरिख थाना क्षेत्र के नगरौरा गांव निवासी मुखई का गांव के ही गुड्डू पुत्र रामसनेही से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार दोपहर इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई।
इससे नाराज गुड्डू ने साथियों कौशल व रामसनेही के साथ मिलकर मुखई, उसके बेटे दिलीप व अरविंद की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में पुलिस आरोपी गुड्डू को पकड़कर थाने ले आई। थाने में बुधवार देर शाम गुड्डू ने जहर खा लिया था।
इसके बाद जब गुड्डू थाना परिसर में ही बेहोश हो गया तो पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। आननफानन में युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया था। पुलिस कप्तान राजूबाबू सिंह, एडीशनल एसपी शफीक अहमद, सीओ सदर तौकरी अहमद खान ने थाने पहुंचकर मामले की जांच करने के बाद सख्त कार्रवाई की बात कही थी।
सीओ सदर तौकीर अहमद खान ने बताया कि एसआई मनीष सिंह, मुंशी प्रिय कुमार, सिपाही पंकज द्विवेदी व तैय्यब को एसपी ने निलंबित कर दिया है। एसओ जितेंद्र सिंह सेेंगर व अन्य पुलिस कर्मियों को कप्तान ने चेतावनी दी है।