बाराबंकी। बाढ़ के पानी में डूबकर चार साल के बच्चे की मौत हो गई। दूसरी तरफ लगातार बढ़ते पानी के कारण सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बढ़ते पानी व तेज होती कटान के कारण तटवर्तीय इलाके के 22 गांव फिर से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ से भयभीत केदारीपुर व बेलहरी के लोग सामान समेट कर तटबंध पर पहुंचने लगे हैं। प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए इलाके की निगरानी बढ़ा दी है।
थाना क्षेत्र टिकैतनगर क्षेत्र के बाढ़ प्रभवित इलाके में चार साल का मासूम बुधवार को अचानक लापता हो गया था। दूसरे दिन बृहस्पतिवार को तटबंध के पास भरे पानी में बच्चे का शव उतराता मिला। मल्लाहनपुरवा मजरे करौनी गांव निवासी राजेंद्र निषाद का चार साल का पुत्र रजत कुमार बुधवार दोपहर घर से बिना बताए कहीं चला गया था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों को सरयू नदी की तलहटी के तेलवारी गांव को जाने वाले मार्ग के बगल स्थित अलीनगर रानीमऊ तटबंध के पास बाढ़ के पानी में रजत का शव उतरता दिखाई पड़ा। बच्चे का शव देख परिजन बिलख पड़े।
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के पानी में नाव बंधी है। जिस पर आसपास के बच्चे आकर खेला करते हैं। बुधवार को भी कुछ बच्चे खेल रहे थे। आशंका जताई कि इसी दौरान रजत पानी में डूब गया होगा। उधर नेपाल के बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू फिर रौद्र रूप अख्तियार करने लगी है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 43 सेमी ऊपर पहुंच गया है। रामनगर क्षेत्र के केदारीपुर व बेलहरी गांव कटान के निशाने पर है। केदारीपुर के लोग अपना सामान समेट तटबंध पर आ रहे हैं। कुछ लोग मकानों को तोड़ कर ईंटे इत्यादि भी साथ ले जाने की कोशिश में जुटे हैं। तटवर्तीय क्षेत्र के करीब 22 गांव बाढ़ के पानी से घिरने के बाद प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है।
सिरौलीगौसपुर तहसील के तेलवारी व गोबरहा गांव के पास पानी आबादी की तरफ फैलने लगा है। वहीं माझारायपुर, पररावल, नव्वनपुरवा, टेपरा भैरवकोल, कहरानपुरवा, बेहटा समेत करीब 10 गांव पानी से घिर गए है। तेलवारी गांव का प्राथमिक विद्यालय बाढ़ व गोबरहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरहा में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर आनंद तिवारी ने बताया कि निगरानी की जा रही है।
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