बाराबंकी। बड़े पदों पर बैठे राजनीतिक दलों के नेता भले ही जनता के बीच अपनी पकड़ होने का दंभ भरते हों, लेकिन निकाय चुनाव में निर्दलों के आगे पानी भरते नजर आए। इस चुनाव में चाहे अध्यक्ष का पद हो या सभासद का, राजनैतिक दलों ने अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए बड़ी तादाद में प्रत्याशी मैदान में उतारे, लेकिन निर्दलीयों के सामने उनकी एक न चली। सपा, भाजपा और कांग्रेस को सिर्फ 31 वार्डों में जीत का स्वाद चखने को मिला, जबकि सदस्य के 173 पदों पर निर्दलीयों ने जीत दर्ज की। इसके साथ ही अध्यक्ष के सात पदों पर भी पार्टी प्रत्याशियों पर निर्दलीय भारी पड़े।
बात अगर नगर पालिका नवाबगंज की करें तो यहां सपा ने करीब दो दर्जन वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसी तरह भाजपा ने अधिकांश वार्डों में प्रत्याशी खड़े किए थे। निकाय चुुनाव के परिणाम आए तो सपा ने 12 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को सिर्फ चार वार्डों से ही संतोष करना पड़ा। शेष 13 सीटों पर निर्दलीयों ने जीत दर्ज कर पार्टी प्रत्याशियों को हार का स्वाद चखाया। नगर पंचायतों में भी वार्ड मेंबर का चुनाव लड़ाना राजनैतिक दलों को नहीं फला। 13 नगर पंचायतों के 175 वार्डों में सपा को पांच, भाजपा को नौ सीटों पर सफलता मिली।
पूर्व राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया के गृृह जनपद में कांग्रेस कोई कमाल नहीं दिखा पाई। सतरिख नगर पंचायत के कजियाना वार्ड से अफजाल अहमद ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज कर पार्टी का खाता जरूर खोला। बसपा और आम आदमी पार्टी ने भी अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन इनका स्कोर शून्य ही रहा। अध्यक्ष पदों की बात करें तो सपा ने नगर पालिका नवाबगंज के साथ नगर पंचायत फतेहपुर, बेलहरा, सुबेहा व सतरिख में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को सिद्धौर और टिकैतनगर सीटों से ही संतोष करना पड़ा। अध्यक्ष पद पर भी निर्दलीयों ने अपना वर्चस्व कायम रखा। देवा, बंकी, दरियाबाद, रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, जैदपुर व रामनगर में निर्दलीयों ने पार्टी प्रत्याशियों को हराकर अपना लोहा मनवाया।
देवा, बंकी में भाजपा, आरएसघाट में सपा लड़ाई से बाहर
अध्यक्ष पद पर निर्दलीयों के वर्चस्व के आगे तीन सीटों पर भाजपा और सपा लड़ाई से भी बाहर रही। भाजपा देवा में चार तो बंकी में तीन नंबर पर रही। इसी तरह रामसनेहीघाट में निर्दलीय और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन यहां सपा कहीं से भी लड़ाई में नजर नहीं आई।