बाराबंकी। शहर से गुजरे जमुरिया नाले का जलस्तर कम तो हुआ है लेकिन किनारे पर बसे मोहल्लों में पानी भरा हुआ है। करीब 70 घरों के लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप है। प्रभावित मोहल्लों में नगर पालिका की ओर से नाले-नालियों की सफाई तो कराई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। वहीं शहर के सर्वाधिक प्रभावित चार मोहल्लों में पंप लगाकर जलनिकासी कराई गई, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ।
शुक्रवार सुबह तक हुुई बारिश के बाद जमुरिया नाला उफनाने से किनारे पर बसे पीरबटावन, दुर्गापुरी, कैलाश आश्रम वार्डों के तमाम मुहल्लों में पानी भर गया था। बारिश थमने के कारण शनिवार को जलस्तर कम तो हुआ है, फिर भी पीरबटावन में रेलवे लाइन के किनारे करीब तीन दर्जन घरों के आगे पानी भरा है। रेलवे लाइन के पुल के निकट बच्चे नाले के पानी में छलांग लगाते रहते हैं।
सफाई निरीक्षक अधुलिका सिंह ने यहां पर जलकुंभी हटवाने के साथ चोक नालियों को खुलवाया, पर पानी नहीं निकल पाया। कम्हरियाबाग में किंग जार्ज स्कूल के सामने व पीछे की ओर अभी भी जलभराव है। इससे आसपास रहने वाले लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। यहां जलनिकासी कराने के लिए नगर पालिका के अब तक कोई ठोस उपाय नहीं है। ऐसे में जलस्तर स्वत: घटने का इंतजार किया जा रहा है।
शहर के शांतिविहार कॉलोनी, बड़ेल, घंसीराम व मंझलेपुर में नगर पालिका के ऐई जलकल ओपी राम की देखरेख में पंपिंग सेट लगवाकर पानी निकलवाया गया। दीवानी कचहरी में जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए टीम लगाकर सभी नालियों से मलबा हटवाया गया। विकास भवन रोड, लक्ष्मणपुरी, महर्षिनगर, केंद्रीय विद्यालय के निकट जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है।
शहर के चार मोहल्लों में पंपिंग सेट से पानी निकलवाया गया है। जमुरिया नाले का जलस्तर कम हुआ है। कई स्थानों पर नाले-नालियों को साफ करवाया गया है। अन्य मुहल्लों में भी जलनिकासी के इंतजाम किए जा रहे हैं।
- संजय कुमार शुक्ला, ईओ