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सीएचसी टिकैतनगर में डेढ़ घंटे तड़पता रहा घायल, मौत

Fri, 26 Feb 2016 11:12 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
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सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति करीब डेढ़ घंटे तक सीएचसी में तड़पता रहा लेकिन नाइट ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और दूसरे कर्मचारी उसे देखने तक नहीं आए। खास बात यह है कि उसके सिर या सीने में गंभीर चोट न लगकर सिर्फ पैर में जांघ के पास चोट लगी थी जहां से लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। लगातार खून बहता देख उसकी पत्नी स्टाफ के पास पहुंची और गिड़गिड़ाने लगी तब एक स्वास्थ्य कर्मी गया और घाव पर पट्टी बांध जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल की पत्नी उसे जिला अस्पताल ला रही थी कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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मामला टिकैत नगर सीएचसी का है। जरवल कस्बा(बहराइच) निवासी रामजी गुप्ता उर्फ बंटी (40) पत्नी सोनी (35) और भतीजी ज्योति (20) के साथ गुरुवार रात एक तिलक समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे। भेलसर-टिकैत नगर मार्ग पर रात करीब 12 बजे अजईमऊ के निकट पीछे से एक वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों बाइक से उछलकर काफी दूर जा गिरे। पत्नी सोनी ने बताया कि बंटी ने हेलमेट पहन रखा था इसलिए सिर में तो चोट नहीं आई लेकिन पैर में काफी चोट आ गई थी और खून तेजी से बह रहा था। उन्होंने रास्ते से गुजर रहे लोगों से अनुरोध किया तो उन लोगों ने सीएचसी पर पहुंचा दिया। सोनी का आरोप है कि जब वह सीएचसी पर पहुंची तो वहां चिकित्सक बांकेलाल, फार्मासिस्ट भगौती मौर्या, वार्ड बॉय नकीव अहमद मौके पर मौजूद थे। लेकिन सूचना देने के बाद भी बंटी को देखने कोई नहीं आया। सोनी के मुताबिक वह बरामदे में पडे़ छटपटा रहे थे लेकिन मौके पर मौजूद कर्मी सुनने को तैयार नहीं थे। इसी बीच वह कई बार बेहोश भी हुए।

लगातार खून बहने के कारण हालत बिगड़ती देख सोनी स्वास्थ्य कर्मियों के पास गई तो डॉक्टर ने वार्ड बॉय को भेज दिया। वार्ड बॉय ने जिस पैर में चोट लगी थी उसमें पट्टी बांध दी और कहा कि यहां इससे ज्यादा इलाज नहीं हो पाएगा इन्हें जिला अस्पताल ले जाओ। लोगों की मदद से सोनी ने एक निजी वाहन किराए पर किया और जिला अस्पताल आ रही थी कि रास्ते में रामजी की मौत हो गई। सोनी ने बताया कि यदि सीएचसी पर सही से इलाज मिल जाता और पैर में जहां से रक्त बह रहा था यदि वहां पर टांके लगा दिए जाते तो शायद उन्हें बचाया जा सकता था।
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