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त्योहारी सीजन में बीमारियों की भरमार

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बाराबंकी। त्योहारी सीजन में आधा दर्जन बीमारियों ने जिलेवासियों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। इससे स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा हुई है। डेंगू के मरीजों से जिला अस्पताल का वार्ड भर चुका है सिरौलीगौसपुर में नया वार्ड बनाया गया है।
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फिर भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है शुक्रवार को जिले में 17 नए और मरीज मिले हैं। यही नहीं टायफाइड, स्क्रब टायफस बीमारी तेजी से फैल रही है। जिला अस्पताल से लेकर अन्य सरकारी अस्पतालों में करीब पांच हजार मरीज ओपीडी में देखे गए। डीएम और नोडल अफसर की सख्ती के बाद गांवों में टीमें जानी शुरू हुईं हैं।
रामनगर एसडीएम ने बाढ़ग्रस्त गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचकर जांच कराई है। वहीं सिद्धौर ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव में डेंगू का एक केस मिलने के बाद एसडीएम सीएचसी अधीक्षक के साथ साफ-सफाई का हाल जानने पहुंचे।
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उधर मसौली क्षेत्र के बांसा गांव में स्वास्थ्य विभाग व पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ टीम पहुंची और पीड़ित के घर के आसपास रहने वाले लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा। इनमें से अधिकांश बुखार और दमा से पीड़ित बताए जाते हैं। लेकिन जिले की बात दूर शहर में ही एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग का कार्य नहीं कराया जा रहा है। पेश है अरुण पाठक की रिपोर्ट-
डेंगू का प्रकोप बढ़ा, 17 मिले पीड़ित
जिले में 15 दिन के भीतर डेंगू के 100 से अधिक मरीज पाए गए और पांच की जान जा चुकी है। शु्क्रवार को अलग-अलग स्थानों पर डेंगू के 17 नए मरीज पाए गए जबकि शहर के फैजुल्लागंज और पीरबटावन में एक-एक, हैदरगढ़ के बड़वल में एक तथा दानीगढ़ में एक, सिरौलीगौसपुर के छुरिया गांव में दो, मसौली के बांसा में एक, सिद्धौर के अंदका गांव में पांच, देवा में दो, टिकैतनगर में दो, रामनगर में दो इस प्रकार से कुल 17 मरीज पाए गए हैं।
जांच में डेंगू की पुष्टि के बाद सभी को परिजनों ने निजी अस्पतालों में भर्ती कराया है। मौजूदा समय में सबसे खराब स्थिति टिकैतनगर, सिद्धौर, शहर और हैदरगढ़ क्षेत्र की है।
स्क्रब टायफस भी पसार रहा पांव
जिले में एक नई बीमारी स्क्रब टायफस तेजी से अपने पांव पसार रही है। इस रोग की चपेट में अब तक पांच लोग आ चुके हैं। सिद्धौर क्षेत्र की एक महिला के बाद निंदूरा में दो मरीज इस रोग से ग्रसित पाए गए। शुक्रवार को विभाग की जांच में शहर के फैजुल्लागंज और सिद्धौर में एक-एक और मरीज पाया गया है। जांच में रोग की पुष्टि होने के बाद मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
टायफाइड ने भी पकड़ा जोर
मलेरिया के बाद सबसे तेजी से टायफाइड की चपेट में लोग आ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन कम से कम 15 से 20 मरीज टायफाइड के पाए जा रहे हैं। इसके अलावा सीएचसी पर सबसे ज्यादा मरीज टायफाइड के अलावा सर्दी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द और पेट दर्द के आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा बताते हैं कि शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 1265 मरीज आए। इनमें सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार के रहे। जांच में करीब 10 मरीज टायफाइड के पाए गए हैं।
टीकाकरण बंद होने से बढ़ा कोरोना का खतरा
जिले में कोविड टीकाकरण का कार्य लगभग बंद हो चुका है लेकिन कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। अभी दो दिन पहले देवा के विनावा गांव में एक कोरोना का मरीज पाया भी जा चुका है। इसके बावजूद बाजार में हद दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है। त्योहारी सीजन होने के कारण बाजार में भीड़ काफी ज्यादा बढ़ गई है लेकिन कहीं पर भी कोविड नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
डेंगू पर नियंत्रण को लेकर बराबर अभियान चल रहा है। एसीएमओ से लेकर डिप्टी सीएमओ तक फील्ड में पहुंच लोगों को रोग से बचाव के प्रति जागरुक करने के साथ ही गांवों में कीटनाशकों का छिड़काव करा रहे हैं। जिला अस्पताल के अलावा संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर सभी सीएचसी पर डेंगू मरीजों के लिए बेड आरक्षित करा दिए गए हैं।
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-डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ
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