बाराबंकी। टिकैतनगर क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे स्थित राजकीय यंत्रीकृत राज्य फार्म (मैकेनाईज्ड स्टेट फार्म) की सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन कब्जा करके खेती कर रहे गोंडा जिले के 18 समेत 23 लोगों के खिलाफ टिकैतनगर थाने में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा व आपराधिक अतिचार का मुकदमा दर्ज किया गया है।
टिकैतनगर क्षेत्र की बांसगांव पंचायत के कमियार गांव के पास राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र निबलेट के अधीन राजकीय मैकेनाईज्ड स्टेट फार्म स्थित है। फार्म के नाम 900 हेक्टेयर से अधिक जमीन है। लेकिन कई साल से करीब 100 हेक्टेयर जमीन पर अन्य लोगों का कब्जा है। एक सप्ताह पहले फार्म के चौकीदार रामअवध ने निबलेट के अधीक्षक को पत्र लिखकर बताया कि मना करने के बाद भी फार्म हाउस की जमीन पर अवैध कब्जा कर कुछ लोगों ने फसल की बोआई कर ली है।
अधीक्षक ने इसे लेकर एसपी दिनेश कुमार सिंह को अवगत कराया। जिसके बाद केस दर्ज करने का निर्देश जारी किया गया। शुक्रवार की शाम चौकीदार की तहरीर पर पड़़ोस में पड़ने वाले गोंडा जिले के उल्टहवा गांव के मैनू, रामअचल, कुंवर बहादुर, रामसरन, शेरबहादुर, तेजू, कैलाश, रामबहादुर, रामदीन, मंशा, रामकेवल, रामबहादुर, चंदे, हरप्रसाद, हंसराज, रामकेवल, रामदेव, राजेश तथा जिले के टिकैतनगर थाना क्षेत्र के असवा गांव निवासी अरविंद सिंह, जगदीश, मक्कू सिंह व बांसगांव के रामेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएचओ संजीत कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। वहीं, रामसनेहीघाट के एसडीएम रामआसरे वर्मा ने बताया कि संबंधित विभाग द्वारा कार्रवाई कराई जा रही है। अधीक्षक निबलेट फार्म भूनेश कुमार ने बताया कि जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की कोशिश की जा रही है।