बाबा के आश्रम के बाहर लगी भीड़
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लोगों के बीच चर्चा का विषय बने चमत्कारिक श्रीराज राजेश्वरी मंगला काली शक्तिपीठ आश्रम की सच्चाई अब पर्त दर पर्त सामने आती जा रही है। आज
के वैज्ञानिक युग में भी रामशंकर तिवारी उर्फ बाबा परमानंद के मुरीद अनपढ़ से लेकर आईजी स्तर के अधिकारी व पीजीआई लखनऊ के चिकित्सक भी हैं।
श्रीराज राजेश्वरी मंगला काली शक्तिपीठ हर्रई में वीआईपी का आना-जाना बराबर रहता है। यहां पर विज्ञान पर भरोसा करने वाले पीजीआई के वरिष्ठ चिकित्सक भी आते रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले पीजीआई की एक महिला चिकित्सक शाम को छह बजे आई और करीब छह घंटे तक यहीं रुकी। दूसरे दिन फिर से वही चिकित्सक शाम को आई और देर रात तक रुकी।
ग्रामीण बताते हैं कि इस आश्रम में इस समय पूर्वांचल में तैनात एक डीआईजी व व साइड पोस्टिंग में चल रहे एक आईजी स्तर के अधिकारी परिवार के साथ आते रहे हैं। देवा कोतवाल रहे रामजी यादव तो उनके पक्के मुरीद हैं। वह तो बाबा की सत्संग सभा में माइक लेकर उनकी महिमा का बखान करने से भी नहीं चूकते।
देवा कोतवाली में तैनाती के दौरान यहां तक कहते थे कि कोतवाली संचालित करने की शक्ति बाबा से ही मिलती थी। फतेहपुर के कोतवाल मोहन वर्मा भी बाबा के मुरीद हैं। उन्होंने हर्रई धाम जाने वाले रास्ते पर बोर्ड भी लगवा दिया था। जिले में तैनात रहे एसडीएम भी बाबा के मुरीद हैं। वर्तमान में वह लखनऊ प्रशासन में उच्च पद पर हैं। जब भी यह जाते तो बाबा उन्हें शुद्ध शीतल पेय पिलवाता और आशीर्वाद देता।
इन्हीं एसडीएम के साथ एक बार बाबा के हर्रई आश्रम गए युवक ने बताया कि कुछ साल पहले एक बार यह एसडीएम अपने चार मातहतों के साथ बाबा परमानंद से मिलने पहुंचे। बाबा ने सभी को शुद्ध सात्विक पेय पिलाया। इसके बाद बाबा परमानंद ने एसडीएम को एक मुखी रुद्राक्ष भेंट किया और अन्य लोगों को रुद्राक्ष की माला दी। इसके बाद एसडीएम ने उन्हें साष्टांग प्रणाम किया।